Uttarakhand

अभिव्यंजना 5.0 : देशभर के साहित्यकारों के बीच पहुंचे धामी, कहा… कविता में बदलाव की ताकत

ललित फाउंडेशन के पंचम अधिवेशन अभिव्यंजना 5.0 का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ, कवि और साहित्यकारों का हुआ सम्मान, सीएम ने उत्तराखंड की साहित्यिक विरासत और युवा पीढ़ी की भूमिका पर भी रखा जोर।

हल्द्वानी, 7 जून 2026:

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कालाढूंगी तहसील के धनपुर धमोला स्थित रिजॉर्ट में ललित फाउंडेशन के पंचम अधिवेशन अभिव्यंजना 5.0 का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस मौके पर देश के कई नामचीन कवि, साहित्यकार और रचनाकार एक मंच पर जुटे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ कवि सम्मेलन नहीं, बल्कि विचारों, संवेदनाओं और सृजनशीलता को महसूस करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि कवि केवल शब्दों के रचयिता नहीं होते, बल्कि समाज के चिंतक, मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं। उनकी रचनाएं समाज को आईना दिखाने का काम करती हैं और मुश्किल दौर में नई राह सुझाती हैं।

धामी ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन को गति देने में भी कवियों और साहित्यकारों की अहम भूमिका रही। उनकी लेखनी ने लोगों में जागरूकता पैदा की और उन्हें आंदोलन से जोड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि आज भी साहित्य समाज में सकारात्मक बदलाव का मजबूत माध्यम बना हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद कवियों का जिक्र करते हुए कहा कि कुमार विश्वास ने अपनी विशिष्ट प्रस्तुति शैली से कविता को नए दौर में नई पहचान दिलाई है। वहीं पद्मश्री अशोक चक्रधर की रचनाओं में हास्य, व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों का अनूठा मेल दिखाई देता है। डॉ. हरिओम पंवार की ओजपूर्ण कविताएं राष्ट्रभक्ति और जनजागरण की सशक्त अभिव्यक्ति हैं, जो श्रोताओं में नई ऊर्जा भरती हैं।

उन्होंने कहा कि इन साहित्यकारों ने कविता को मंचों तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उसे आम लोगों तक पहुंचाया। इससे युवाओं का साहित्य के प्रति रुझान बढ़ा है और नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से साहित्य, संस्कृति और सृजन की भूमि रही है। हिमालय की गोद में बसे इस प्रदेश ने अनेक ऐसे साहित्यकार, कवि और लोकचिंतक दिए हैं, जिन्होंने समाज को नई दिशा दी। उन्होंने सुमित्रानंदन पंत, चंद्रकुंवर बर्त्वाल, गिर्दा, शैलेश मटियानी, गौरा पंत शिवानी और मोहन उप्रेती के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की साहित्यिक परंपरा आज भी राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा दे रही है।

CM Dhami at Abhivyanjana 5.0 Poetry's Role in Change (1)

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कवियों, कवित्रियों और साहित्यकारों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और बदलाव की उस भावना का सम्मान है, जो उनकी रचनाओं से लोगों तक पहुंचती है।

धामी ने साहित्यकारों से साहित्य संगम को नई चेतना और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम में विधायक बंशीधर भगत, कुमार विश्वास, पद्मश्री अशोक चक्रधर, डॉ. हरिओम पंवार समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवि और साहित्यकार मौजूद रहे।

इससे पहले मुख्यमंत्री के आईआरबी बेलपड़ाव, रामनगर पहुंचने पर विधायक बंशीधर भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष गणेश रावत, दर्जा राज्यमंत्री सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, सुरेंद्र नामधारी, आयोग सदस्य जेडए वारसी, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय समेत जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।

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