योगेंद्र मलिक
देहरादून, 4 जुलाई 2026:
उत्तराखंड की राजनीति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। आज 4 जुलाई 2026 को उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में लगातार पांच साल का कार्यकाल पूरा कर लिया। इसके साथ ही वह राज्य में भारतीय जनता पार्टी के पहले ऐसे नेता बन गए हैं, जिन्होंने बिना किसी रुकावट के लगातार पांच वर्ष तक मुख्यमंत्री पद संभाला। इससे पहले लगातार लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के नाम दर्ज था।
धामी ने पहली बार 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद 23 मार्च 2022 को दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। तब से वह लगातार इस पद पर बने हुए हैं। पांच साल यानी 1825 दिनों का यह सफर उत्तराखंड की राजनीति में एक नया अध्याय माना जा रहा है। धामी का ये कार्यकाल अपने अहम फैसलों के लिए भी चर्चा में रहा। उनके फैसलों से राज्य को ये धमक महसूस भी हुई।
UCC लागू कर पूरे देश में बनाई अलग पहचान
धामी सरकार के सबसे चर्चित फैसलों में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लागू करना शामिल है। उत्तराखंड इस कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना। सरकार का कहना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था का रास्ता मजबूत हुआ। UCC लागू होने के बाद कई राज्यों में भी इस मॉडल पर चर्चा शुरू हुई।
Anti Copying Law से भर्ती व्यवस्था में बढ़ा भरोसा
सरकारी भर्तियों में पेपर लीक और नकल पर रोक लगाने के लिए धामी सरकार ने सख्त Anti Copying Law लागू किया। सरकार के मुताबिक इस कानून के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी और 35 हजार से ज्यादा युवाओं को निष्पक्ष तरीके से सरकारी नौकरियां मिलीं। इस मॉडल की चर्चा दूसरे राज्यों में भी हुई।
महिलाओं को मिला 30 प्रतिशत आरक्षण
धामी सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला लिया। लंबे समय से चली आ रही इस मांग के पूरा होने के बाद महिला अभ्यर्थियों को बड़ा लाभ मिला। सरकार का दावा है कि इससे सरकारी सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी और बढ़ेगी।
भ्रष्टाचार, माफिया और अवैध कब्जों पर सख्ती
अपने कार्यकाल में धामी सरकार ने भ्रष्टाचार, माफिया नेटवर्क और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया। कई मामलों में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की, जबकि अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर अभियान भी चलाया गया। सरकार ने इसे कानून का समान रूप से पालन कराने की दिशा में अहम कदम बताया।
निवेश और रोजगार पर रहा खास फोकस
सरकार ने Global Investors Summit के जरिए बड़े निवेश प्रस्ताव आकर्षित करने का दावा किया। सरकार के अनुसार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर काम शुरू हो चुका है। इससे उद्योग, पर्यटन, होमस्टे, टैक्सी, होटल और सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर तैयार हुए हैं।
केंद्र के साथ तालमेल से मिली बड़ी परियोजनाएं
धामी सरकार के कार्यकाल में केंद्र सरकार से कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी मिली। चारधाम ऑल वेदर रोड, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, रेल परियोजनाएं, एम्स, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई प्रोजेक्ट इसी दौरान आगे बढ़े। सरकार का कहना है कि इससे राज्य के विकास को नई रफ्तार मिली।
राष्ट्रीय राजनीति में भी बढ़ा कद
पुष्कर सिंह धामी की सक्रियता अब उत्तराखंड तक सीमित नहीं रही। भाजपा उन्हें दूसरे राज्यों के चुनाव प्रचार में भी जिम्मेदारी देती रही है। पार्टी के भीतर उन्हें युवा नेतृत्व के तौर पर देखा जा रहा है और राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी पहचान लगातार मजबूत हुई है।
करीब 600 अवैध मजारों पर कार्रवाई का दावा
धामी सरकार ने सरकारी जमीनों पर बने अवैध धार्मिक ढांचों के खिलाफ अभियान चलाया। सरकार के मुताबिक प्रदेशभर में करीब 600 अवैध मजारों और अन्य अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई, जबकि हजारों हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। सरकार का कहना है कि यह अभियान किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए चलाया गया।
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने बताया ऐतिहासिक कार्यकाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड लंबे समय तक राजनीतिक अस्थिरता से जूझता रहा, लेकिन पुष्कर सिंह धामी पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने हैं जिन्होंने लगातार पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। उन्होंने इसे जनविश्वास और मजबूत नेतृत्व का परिणाम बताया। महेंद्र भट्ट ने कहा कि सरकार केवल कार्यकाल पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान चला रही है। पहले चरण की सफलता के बाद अब दूसरे चरण में ब्लॉक और मुख्यालय स्तर पर शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।






