Ayodhya

अब चंपत राय के समर्थन में उतरे कुछ संत, ट्रस्ट कोषाध्यक्ष से मांगा जवाब, 6 जुलाई की बैठक पर भी उठे सवाल

संत मंडल की बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव को 'क्लीन चिट', ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी से पूछा कि चढ़ावे के कोष की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए

अनिल निषाद

अयोध्या, 4 जुलाई 2026:

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर रामनगरी के संत दो खेमों में बंटे नजर आ रहे हैं। कुछ संतों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत अन्य पदाधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही तो अब दूसरी ओर कई संत उनके समर्थन में सामने आ गए हैं।

अयोध्या में आयोजित संत मंडल की एक बैठक में मौजूद संतों ने चंपत राय के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि चंपत राय की निष्ठा, ईमानदारी और कार्यशैली पर उन्हें पूरा भरोसा है। संतों ने ट्रस्ट से मांग की है कि उनका इस्तीफा किसी भी स्थिति में स्वीकार न किया जाए। बैठक में संतों ने कहा कि चंपत राय ने स्वयं पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी से जांच कराने का अनुरोध किया था। उनका यह कदम उनकी पारदर्शिता और ईमानदार मंशा का प्रमाण है।

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हालांकि, संतों ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और कोष की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी उठाए। उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी से पूछा कि चढ़ावे के कोष की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय रहते प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए। इसके साथ ही यह सवाल भी उठाया गया कि जब ट्रस्ट की बैठक पहले से 11 जुलाई को तय थी तो उसे अचानक 6 जुलाई को किन परिस्थितियों में बुलाया गया।

बैठक में वशिष्ठ पीठाधीश्वर राघवेश दास वेदांती, वावन मंदिर के महंत वैदेही वल्लभ शरण, राम कचहरी मंदिर के महंत शशिकांत दास, बधाई भवन के महंत राजीव लोचन शरण, महामंडलेश्वर प्रेम शंकर दास रामायणी, साकेत भवन के महंत सीताराम दास सहित कई संत उपस्थित रहे। सभी संतों ने चंपत राय के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की।

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