
सीतापुर, 5 जुलाई 2026:
सीतापुर में समाजवादी पार्टी कार्यालय पर हुई कार्रवाई के बाद अब शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यालय भी प्रशासन के निशाने पर आ गया है। नगर पालिका परिषद सदर ने घंटाघर स्थित सरकारी भवन में चल रहे कांग्रेस कार्यालय के बाहर कारण बताओ नोटिस चस्पा कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह भवन सरकारी नजूल संपत्ति है, ऐसे में इसका मौजूदा इस्तेमाल अवैध कब्जे की श्रेणी में आता है।
डीएम के निर्देश पर नगर पालिका के प्रभारी अधिशासी अधिकारी ने जारी नोटिस में बताया कि नजूल भूखंड संख्या 750 की जांच के दौरान पता चला कि भवन का स्वामित्व उत्तर प्रदेश सरकार के पास है। जांच में यह भी सामने आया कि मांग पंजिका में दर्ज इंद्राज का कोई वैध कानूनी आधार नहीं मिला। इसी आधार पर कांग्रेस कार्यालय को नोटिस जारी किया गया है।

प्रशासन ने नोटिस में कहा है कि नजूल मैनुअल के प्रावधानों के तहत सरकारी जमीन या भवन पर अवैध कब्जा हटाने का अधिकार जिलाधिकारी को प्राप्त है। कांग्रेस कमेटी से पूछा गया है कि उनके नाम दर्ज इंद्राज को क्यों न निरस्त कर भवन को दोबारा सरकारी कब्जे में ले लिया जाए।
नगर पालिका ने कांग्रेस कमेटी को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया है। इस दौरान दस्तावेज और साक्ष्य पेश करने होंगे। तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बेदखली की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कुछ दिन पहले सपा कार्यालय पर चला था बुलडोजर
सीतापुर में 22 जून को समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर भी प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की थी। टाउन हॉल परिसर की नजूल भूमि पर बने उस कार्यालय को खाली कराने के बाद ध्वस्त किया गया था। प्रशासन का कहना था कि वर्ष 2005 में हुआ आवंटन नियमों के विपरीत था और उसे पहले ही निरस्त किया जा चुका था। आवंटन रद्द होने के बावजूद कार्यालय संचालित हो रहा था, जिसके बाद नोटिस देकर कार्रवाई की गई।






