
लखनऊ, 5 जुलाई 2026:
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे नितिन नबीन ने प्रदेश के सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर संगठन और पार्टी को रखना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने गुटबाजी, नेतृत्व को लेकर बयानबाजी और खुद को आगे रखने की प्रवृत्ति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे पार्टी से ज्यादा नुकसान संबंधित जनप्रतिनिधि का होता है।
प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पदाधिकारियों की बैठक के बाद शनिवार रात राजधानी के एक होटल में सांसदों और विधायकों को संबोधित करते हुए नबीन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के बीच खुद को आगे रखने की होड़ जनता में गलत संदेश देती है। सांसद हों या विधायक सभी की जवाबदेही जनता के प्रति है। इसलिए व्यक्तिगत छवि चमकाने के बजाय जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दें और संगठन के साथ मिलकर काम करें।

बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह भी मौजूद रहे। नितिन नबीन ने जनप्रतिनिधियों और संगठन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि हर छोटी-बड़ी संगठनात्मक बैठक में सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए विपक्ष फिर जातीय राजनीति का सहारा लेने की तैयारी कर रहा है। उसकी कोशिश है कि भाजपा कार्यकर्ता ‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा से भटककर जातियों में बंट जाएं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ऐसी किसी भी रणनीति से सतर्क रहने और समाज को जोड़ने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष सोशल मीडिया और धारणा की राजनीति के जरिए केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को दबाने का प्रयास कर रहा है। उत्तर प्रदेश में लाखों युवाओं को रोजगार मिला है। करोड़ों लोग सरकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित हुए हैं। यदि इतने बड़े जनसमर्थन को वोट में नहीं बदला जा रहा है तो इसका मतलब है कि जनता से संवाद बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने सांसदों और विधायकों से कहा कि वे दफ्तरों तक सीमित न रहें बल्कि गांव-गांव और मोहल्लों में जाकर विकास कार्यों का संवाद करें और जनता के बीच अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराएं। नितिन नबीन ने विश्वास जताया कि अगले सात-आठ महीनों तक संगठन और सरकार मिलकर पूरी ताकत से काम करेंगे तो 2027 के विधानसभा चुनाव में विपक्ष का पूरी तरह सफाया होगा। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर प्रचंड बहुमत की डबल इंजन सरकार बनेगी।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरा हिंदू समाज और सभी श्रद्धालु आहत हैं। सरकार और ट्रस्ट ने मामले में तत्काल कार्रवाई की है। दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस संवेदनशील विषय पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है जबकि भाजपा के लिए श्रीराम और राम मंदिर आस्था का विषय हैं, राजनीति का नहीं।






