
लखनऊ, 6 जुलाई 2026:
सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को उनके सरकारी आवास पर हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में कानपुर, गाजियाबाद और फतेहपुर में तीन नए निजी विश्वविद्यालय खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के बाद प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़कर 56 हो जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ने के साथ गुणवत्ता, शोध और रोजगारपरक शिक्षा को भी नई गति मिलेगी।
कैबिनेट बैठक के बाद प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2019 के तहत सभी मानकों के मूल्यांकन के बाद तीन संस्थाओं को आशय पत्र (एलओपी) जारी करने और संचालन प्राधिकार-पत्र देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान तक उच्च शिक्षा पहुंचाना है। सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है।

प्रस्ताव के मुताबिक कानपुर नगर की बिल्हौर तहसील के ग्राम गदनपुर आहार में स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली द्वारा 51.739 एकड़ भूमि पर कृषि आधारित निजी विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) अध्यादेश-2026 लागू किया जाएगा।
वहीं, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी, गाजियाबाद ग्राम डासना में 26.2656 एकड़ भूमि पर विश्वविद्यालय स्थापित करेगी। मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थान संचालित कर रही यह संस्था अब बहुआयामी उच्च शिक्षा का नया केंद्र विकसित करेगी। इसके लिए तृतीय संशोधन अध्यादेश-2026 प्रख्यापित होगा। फतेहपुर में एंग्लो संस्कृत कॉलेज द्वारा तहसील फतेहपुर दक्षिणी में 20.45 एकड़ भूमि पर निजी विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (पंचम संशोधन) अध्यादेश-2026 लाया जाएगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 तक प्रदेश में केवल 14 सरकारी और 27 निजी विश्वविद्यालय थे। योगी सरकार के कार्यकाल में 8 नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित हुए हैं। अब तीन नए प्रस्तावों के बाद निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 56 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इन विश्वविद्यालयों के शुरू होने से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, शोध और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के लिए अब दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।






