
न्यूज डेस्क, 9 जुलाई 2026:
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खुली जंग में बदलता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरी रात (बुधवार रात) ईरान पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक करते हुए करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट, तटीय निगरानी ठिकाने, नौसैनिक अड्डे तथा सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया।
सेंटकॉम ने हमलों के वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए दावा किया कि कार्रवाई का मकसद होर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक जहाजों और नाविकों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना था। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर किए गए हमले के जवाब में की गई। हमले से कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि समुद्री मार्गों पर दोबारा हमला हुआ तो अमेरिका पहले से कहीं अधिक कठोर जवाब देगा।

जवाब : कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने बने निशाना
अमेरिकी कार्रवाई के तुरंत बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने जवाबी हमला करते हुए कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की पुष्टि की। आईआरजीसी ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा सीजफायर तोड़ने की सजा है। चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो क्षेत्र में मौजूद अन्य अमेरिकी ठिकाने भी निशाने पर होंगे।
‘होर्मुज स्ट्रेट केवल ईरानी व्यवस्था के तहत ही खुला रहेगा’
ईरानी मीडिया के मुताबिक दक्षिणी तटीय इलाकों और फारस की खाड़ी में ईरान के नियंत्रण वाले द्वीपों पर जोरदार विस्फोट सुने गए। वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बगर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि धमकी और वादाखिलाफी की कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि यदि हमला होगा तो उसका जवाब भी मिलेगा। होर्मुज स्ट्रेट केवल ईरानी व्यवस्था के तहत ही खुला रहेगा अमेरिकी दबाव से नहीं।
अमेरिकी हमले के बाद तेहरान-मशहद रेलवे लाइन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी ट्रंप की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए कहा कि ईरान शब्दों से नहीं बल्कि कार्रवाई से जवाब देता है। उधर, अमेरिकी हमले के बाद तेहरान-मशहद रेलवे लाइन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से यात्री रेल सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। रेलवे प्रशासन ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। प्रभावित यात्रियों को सड़क मार्ग से मशहद पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
इराक के नजफ से मशहद लाया जा रहा खामेनेई का शव
इसी बीच ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का शव इराक के नजफ से मशहद लाया जा रहा है। पिछले छह दिनों में उनके पार्थिव शरीर को ईरान और इराक के कई शहरों में अंतिम दर्शन के लिए ले जाया गया। आज मशहद में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।




