
न्यूज डेस्क, 3 जुलाई 2026:
केंद्र सरकार ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी का कार्यकाल एक साल बढ़ा दिया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अब वह 14 जुलाई 2027 तक या अगले आदेश तक विदेश सचिव के पद पर बने रहेंगे। 1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी विक्रम मिसरी जुलाई 2024 से इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।
विक्रम मिसरी को चीन मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। भारत-चीन संबंधों के कई अहम दौर में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चीन में भारत के राजदूत रहते हुए गलवान घाटी घटना के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया में भी उनकी अहम भागीदारी रही।
हाल के समय में Operation Sindoor के दौरान भी विक्रम मिसरी लगातार सरकार का पक्ष देश और दुनिया के सामने रखते नजर आए। संघर्षविराम के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें और उनके परिवार को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। बाद में कई वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं ने उनके समर्थन में अपनी बात रखी।
विदेश सचिव बनने से पहले विक्रम मिसरी भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा वह स्पेन, म्यांमार और चीन में भारत के राजदूत रहे हैं। पाकिस्तान, अमेरिका, जर्मनी, बेल्जियम और श्रीलंका में भी विभिन्न राजनयिक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
विक्रम मिसरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ काम करने का अनुभव भी है। लंबे राजनयिक अनुभव की वजह से उन्हें भारत की विदेश नीति के प्रमुख चेहरों में गिना जाता है।
सरकार को फंडामेंटल रूल 56(डी) के तहत विदेश सचिव, रक्षा सचिव, गृह सचिव, आईबी निदेशक, रॉ सचिव समेत कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को 60 वर्ष की आयु के बाद भी सेवा विस्तार देने का अधिकार है। हाल के समय में आईबी प्रमुख तपन कुमार डेका और सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद के कार्यकाल में भी विस्तार किया जा चुका है।



