
न्यूज डेस्क, 14 जुलाई 2026:
होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है। सोमवार देर रात ईरान ने यूएई के दो तेल टैंकरों पर क्रूज मिसाइलों से हमला कर दिया। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई जबकि छह भारतीय नाविकों समेत आठ लोग घायल हो गए। घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंगलवार सुबह नई दिल्ली में ईरान के उप राजदूत मोहम्मद जवाद हुसैनी समेत ईरानी राजनयिकों को तलब किया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार यूएई के टैंकर एमटी अल बहियाह और एमटी मोंबासा पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। भारत ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए क्षेत्र में तत्काल हिंसा रोकने, नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध व्यापार और सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की मांग की है।

उधर, हमले के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान पर करीब पांच घंटे तक व्यापक हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनार्क, अबू मूसा और बंदर अब्बास स्थित सैन्य ठिकानों को प्रिसिजन हथियारों से निशाना बनाया गया। अमेरिका का दावा है कि इन हमलों में ईरान के तटीय रक्षा तंत्र, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ समुद्री सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
इधर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पलटवार का दावा करते हुए बहरीन के शेख ईसा एयरबेस और अल-जुफैर सैन्य अड्डे पर हमले की बात कही है। आईआरजीसी के अनुसार अमेरिकी ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, हेलीकॉप्टर मरम्मत केंद्र, पी-8 इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर विमान के हैंगर, हथियार गोदाम और सैटेलाइट संचार केंद्र को निशाना बनाया गया। ईरान ने इस जवाबी अभियान को ‘नस्र-2’ नाम दिया है।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि हालिया अमेरिकी और इजराइली हमलों में ईरान का शीर्ष सैन्य नेतृत्व लगभग समाप्त हो चुका है और नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई भी 90 प्रतिशत खत्म हो चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना, एयर डिफेंस सिस्टम और हथियार निर्माण क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है।

उनके अनुसार 159 सैन्य जहाज, 200 सैन्य विमान तथा हथियार उत्पादन क्षमता का लगभग 84 प्रतिशत हिस्सा नष्ट हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी ईरान की सैन्य क्षमताओं को खत्म करने के बाद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर पूरा नियंत्रण रखेगा।
वहीं, ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन, सुरक्षा और विकास से जुड़ा एक रणनीतिक विधेयक संसद में पेश किया गया है। उधर, CENTCOM ने कहा कि फिलहाल मध्य-पूर्व में 50 हजार से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका गहरा गई है।






