गोरखपुर, 14 जुलाई 2026:
चार साल पुराने BSP Leader Murder Case के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल हसन उर्फ बाबू का गोरखपुर में यूपी STF और पुलिस के साथ मुठभेड़ में अंत हो गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने खुद को घिरता देख फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे दो गोलियां लगीं। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान STF का एक हेड कॉन्स्टेबल भी गोली लगने से घायल हुआ है।
रामनगर करजहा में आधे घंटे चली मुठभेड़
पुलिस के अनुसार देर रात सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल बाइक से कुशीनगर की तरफ जाने वाला है। इसके बाद STF और स्थानीय पुलिस ने गोरखपुर के रामनगर करजहा फोरलेन पर चेकिंग शुरू कर दी। रात करीब 11 बजे संदिग्ध बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की।
पुलिस टीम ने पीछा किया तो आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान STF के हेड कॉन्स्टेबल महेंद्र सिंह गोली लगने से घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें मुस्तफिजुल के पैर और आंख के पास गोली लगी। घायल हालत में उसे खोराबार पीएचसी ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौके से पिस्टल, बाइक और कारतूस बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से .32 बोर की पिस्टल, एक बाइक और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी मुश्किल हो रही थी।

चलती ट्रेन से कूदकर भागा था
मुस्तफिजुल को दिसंबर 2024 में गुजरात से गिरफ्तार किया गया था। उसे पुलिस टीम आजमगढ़ ला रही थी। रास्ते में महाराष्ट्र के अमरावती रेलवे स्टेशन के पास उसने टॉयलेट जाने की बात कही और मौका मिलते ही चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में लगी थी और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
2021 में हुई थी BSP नेता कलामुद्दीन की हत्या
मुस्तफिजुल 15 फरवरी 2021 को हुई बसपा नेता कलामुद्दीन उर्फ कमालू की हत्या का मुख्य आरोपी था। कलामुद्दीन आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके थे और लखनऊ में प्रॉपर्टी का कारोबार भी करते थे। उनकी हत्या के बाद यह मामला काफी चर्चा में रहा।
जांच के दौरान पुलिस ने इस हत्याकांड में माफिया मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े कुछ आरोपियों की भूमिका भी सामने आने की बात कही थी। मामले में अली शेर और मसरूर समेत कुछ अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए थे, जिनमें से एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है।
पुराने विवाद से जुड़ा था हत्याकांड
पुलिस के मुताबिक मुस्तफिजुल और कलामुद्दीन का परिवार आजमगढ़ के खुंदनपुर गांव का रहने वाला था। वर्ष 2013 में मुस्तफिजुल के भाई कामरान की हत्या हुई थी। उस मामले में कलामुद्दीन आरोपी थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसी रंजिश ने बाद में 2021 में कलामुद्दीन की हत्या की साजिश का रूप लिया। हत्या के बाद उनके परिवार को विदेश, खासकर दुबई से धमकियां मिलने की बात भी सामने आई थी।
मुस्तफिजुल पर दर्ज थे 10 मुकदमे
मुस्तफिजुल आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला था। उसके खिलाफ हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के कुल 10 मुकदमे दर्ज थे। इनमें आजमगढ़ में आठ, हरदोई में एक और महाराष्ट्र के अमरावती में एक मुकदमा शामिल था। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से फरार चल रहा था और कई राज्यों में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।





