
लखनऊ, 14 जुलाई 2026:
योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी एवं उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ‘सपा का आतंकराज- पार्ट 1’ शीर्षक से पोस्ट साझा करते हुए राजभर ने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान दलितों और पिछड़ों पर अत्याचार की कई घटनाएं हुई थीं, जिन्हें वह अब एक-एक कर जनता के सामने रखेंगे।
राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि वह रोज एक जनपद की घटना याद दिलाएंगे। बुलंदशहर की घटना का जिक्र करने के बाद इस बार उन्होंने सीतापुर की घटनाओं को सामने रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव का जनादेश मिलने के तुरंत बाद ही सपा कार्यकर्ताओं का आतंक शुरू हो गया था। उनके अनुसार 8 मार्च 2012 को सीतापुर के रेवसा क्षेत्र के बिंबिया गांव में दलितों के 13 घर इसलिए जला दिए गए क्योंकि उन्होंने सपा को वोट नहीं दिया था।
राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि 21 दिसंबर 2015 को सीतापुर के लहरपुर थाना क्षेत्र के पट्टी देहलिया गांव में प्रधानी चुनाव के दौरान सपा प्रत्याशी को वोट न देने पर दलित बस्ती के 35 घरों में आग लगा दी गई। उन्होंने दावा किया कि इस घटना में दो मासूम दलित बच्चों की जलकर मौत हो गई थी और परिवारों की गुहार के बावजूद किसी ने मदद नहीं की।
सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे घटनाक्रम आज भी अति पिछड़ों और दलित समाज को झकझोर देते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता सपा सरकार के उस दौर को भूली नहीं है। राजभर ने चेतावनी दी कि वह आने वाले दिनों में प्रदेश के हर जिले से जुड़े ऐसे मामलों का उल्लेख करते हुए सपा के कथित आतंकराज का हिसाब मांगते रहेंगे।






