Lucknow City

अलीगंज अग्निकांड के बाद एक्शन : लखनऊ के होटल संचालकों को फायर सेफ्टी पर सख्त चेतावनी

एलपीजी सिलेंडर, इमरजेंसी एग्जिट और बिजली सुरक्षा पर दिए कड़े निर्देश, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई, अब भवन स्वीकृति से पहले शपथपत्र भी अनिवार्य

लखनऊ, 26 जून 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित बहुमंजिला बिल्डिंग में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद शासन-प्रशासन सतर्क हुआ है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अग्नि सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन की दिशा में सख्ती शुरू कर दी है। इसी क्रम में होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं होटल संचालकों के साथ एक बैठक कर उन्हें फायर सेफ्टी के सभी नियमों का हर हाल में पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है।

एलडीए, अग्निशमन, बिजली तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने होटल संचालकों को अग्नि सुरक्षा से जुड़े मानकों और आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। एलडीए ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से होटल संचालन के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों को स्पष्ट किया और कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
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अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किचन में उपयोग होने वाले एलपीजी सिलेंडर सीढ़ियों, बेसमेंट अथवा किसी भी संकुचित स्थान पर नहीं रखे जाएंगे। एयर कंडीशनिंग सर्किट पर अतिरिक्त विद्युत भार डालने से बचने, जनरेटर एवं बैटरियों को पर्याप्त वेंटिलेशन वाले स्थान पर स्थापित करने तथा सभी भवनों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) पूरी तरह अवरोधमुक्त रखने पर विशेष जोर दिया गया।

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विद्युत सुरक्षा को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए। कहा गया कि सभी संस्थानों में मानक गुणवत्ता की वायरिंग एवं आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाए जिससे किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके। बैठक के दौरान होटल संचालकों ने अग्निशमन विभाग से जुड़ी अपनी समस्याएं भी रखीं जिनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब एलडीए द्वारा भवन स्वीकृति से पहले सभी आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों के लिए अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन का नोटरीकृत शपथपत्र अनिवार्य कर दिया गया है। जिन भवनों में फायर एनओसी आवश्यक नहीं है, वहां भी न्यूनतम सुरक्षा मानकों के पालन के लिए शपथपत्रों का अभिलेखीकरण और साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने बताया कि अगले चरण में जिम, कोचिंग सेंटर, क्लब, रेस्टोरेंट, विद्यालय सहित अन्य संस्थानों के संचालकों के साथ भी जागरूकता बैठकें आयोजित की जाएंगी। बैठक में एलडीए के मुख्य अभियंता मानवेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम, संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह एवं सोम कमल सीताराम, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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