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ईरान-अमेरिका जंग में आया बड़ा ट्विस्ट! ट्रंप की नई धमकी से दहला पश्चिम एशिया, अब बिजलीघर-पुल भी निशाने पर

अमेरिका के लगातार चौथे दिन हमले, ईरान का बहरीन-कुवैत-जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा, ट्रंप बोले- समझौता नहीं तो बिजलीघरों और पुलों पर भी हमला

न्यूज डेस्क, 15 जुलाई 2026:

पश्चिम एशिया में तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पूरी तरह ठप है। दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को तबाह करने की नई धमकी दी है। दूसरी तरफ ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। इस बीच खाड़ी देशों में भी हमलों का सिलसिला तेज हो गया है। इससे युद्ध के पूरे क्षेत्र में फैलने का खतरा बढ़ गया है।

होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरानी ठिकानों पर सात घंटे हमले

अमेरिका ने मंगलवार रात लगातार चौथे दिन ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार करीब सात घंटे तक चले अभियान में होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, नौसैनिक संसाधनों और तटीय रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया। जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया है। आईआरजीसी के मुताबिक बहरीन स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट बेस और जॉर्डन के अजराक एयरबेस को भी निशाना बनाया गया।
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ईरान का माउंटेन न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स भी अमेरिकी निशाने पर!

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इसी बीच ट्रंप ने ईरान को और कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर तेहरान समझौते के लिए आगे नहीं आया तो अगले सप्ताह बिजलीघरों और पुलों को भी निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप ने ईरान के पिकऐक्स माउंटेन न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स को भी अमेरिकी निशाने पर बताया है। नतांज परमाणु परिसर के पास पहाड़ के भीतर बने इस ठिकाने की सुरंगें करीब 100 मीटर मोटी चट्टानों के नीचे बताई जाती हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह परिसर इतना गहराई में है कि अमेरिका का सबसे शक्तिशाली GBU-57 बंकर बस्टर बम भी इसे पूरी तरह नष्ट नहीं कर पाएगा। सुरंगों के मुहानों पर हमला कर रास्ते बंद किए जा सकते हैं लेकिन अंदर मौजूद ढांचे को पूरी तरह तबाह करना बेहद मुश्किल होगा। सैटेलाइट तस्वीरों में परिसर के आसपास लगातार निर्माण और सुरक्षा मजबूत किए जाने के संकेत मिले हैं। अमेरिका को आशंका है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के अहम हिस्सों को और गहराई में स्थानांतरित कर रहा है।

नौसैनिक नाकेबंदी से होर्मुज स्ट्रेट पर भी बढ़ गया तनाव

उधर, होर्मुज स्ट्रेट पर भी तनाव बढ़ गया है।अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी लागू होने से पहले मंगलवार को इस मार्ग से गुजरने वाले 11 जहाजों में से 9 ईरानी रूट से निकले। इनमें करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल ले जा रहा एक सुपर टैंकर, रिफाइंड ऑयल वाला एक टैंकर और एलपीजी ले जा रहे दो टैंकर शामिल थे। शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार खाड़ी के अन्य तेल उत्पादक देशों से तेल या गैस लोड करने के लिए मंगलवार को किसी टैंकर की आवाजाही दर्ज नहीं हुई।
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कतर के अल-उदीद एयरबेस की सैटेलाइट तस्वीरों में अमेरिकी सेना के एक वेयरहाउस को नुकसान पहुंचने के संकेत मिले हैं। ईरानी टीवी ने दावा किया कि यह नुकसान हालिया मिसाइल हमले के बाद हुआ। हालांकि अमेरिका ने इन तस्वीरों या नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और स्वतंत्र रूप से भी इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।

ईरान पर अमेरिकी हवाई हमलों में हाल के दिनों में 30 से अधिक लोगों के मारे जाने की जानकारी ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार रातभर हुए हमलों में 260 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मौतों का आंकड़ा किस अवधि का है।

गाजा के कई इलाकों में गोलाबारी और हवाई हमले जारी

इस बीच गाजा में भी हिंसा जारी है। मध्य गाजा के दीर अल-बलाह में एक घर पर इस्राइली हेलीकॉप्टर से हुए हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। मृतकों में छह साल की बच्ची हबीबा समेत एक परिवार के सदस्य शामिल हैं। गाजा के कई इलाकों में लगातार गोलाबारी और हवाई हमले जारी हैं। ऐसे में ईरान-अमेरिका टकराव के बीच पश्चिम एशिया में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का खतरा लगातार गहराता जा रहा है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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