
संदीप वर्मा
बाराबंकी, 10 जुलाई 2026ः
यूपी के बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील में नाजिर और पेशकार के बीच बिजली की फिजूलखर्ची को लेकर शुरू हुई बहस मारपीट में बदल गई। देखते ही देखते दोनों में लात-घूंसे चलने लगे। दोनों के बीच मारपीट से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। एसडीएम ने इस पूरे मामले के जांच के आदेश दे दिए हैं।
तहसील के नाजिर अरविंद शुक्ला और तहसीलदार के पेशकार आशुतोष सिंह के बीच कार्यालय में अनावश्यक बिजली के इस्तेमाल को लेकर पिछले दो-तीन दिनों से कहासुनी हो रही थी। गुरुवार को इसी मुद्दे पर फिर से बहस छिड़ गई। कुछ देर में यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच मारपीट होने लगी और लात-घूसे चलने लगे। इस दौरान मौके पर भीड़ लग गई।
तहसील कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर नाजिर और पेशकार को किसी तरह अलग कर शांत किया। इसके बाद तहसीलदार ने दोनों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान कर्मचारियों में ऐसी चर्चा रही कि अधिकारियों का रुख पेशकार के पक्ष में था। वहीं, पेशकार आशुतोष सिंह की तैनाती को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पेशकार को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी। उनकी तैनाती वसूली अनुभाग में होनी चाहिए थी, लेकिन वह लगभग छह वर्षों से तहसीलदार के पेशकार के रूप में कार्यरत है। तहसील कर्मियों के बीच यह भी चर्चा रही कि करीब दो साल पहले पेशकार का स्थानांतरण हैदरगढ़ हो गया था, लेकिन वह वहां नहीं गया।






