
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 12 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड के राजकीय महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की अब प्रत्येक माह समीक्षा की जाएगी। समय पर कार्य पूरा न करने वाली कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई होगी। ये बातें शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने समीक्षा बैठक में कहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा का ध्यान रखने का निर्देश दिया। साथ ही नवनिर्मित छात्रावासों का संचालन आगामी एक सितंबर से शुरू करने और इसके लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने को कहा है।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने आवास पर विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें उन्होंने राजकीय महाविद्यालयों में निर्माणाधीन भवनों, कक्षाओं, छात्रावासों, पुस्तकालयों, प्रयोगशालाओं और सामुदायिक केंद्रों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। शिक्षा मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों में देरी और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभागीय सचिव प्रत्येक माह निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा कराया जाएगा।
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रदेश के 25 राजकीय महाविद्यालयों को स्वायत्तता प्रदान करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं पूरी कर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को जल्द प्रस्ताव भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वायत्तता से जुड़े मामलों की निगरानी उच्च शिक्षा निदेशक स्तर से की जाएगी। मंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन बालक-बालिका छात्रावासों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी नए छात्रावासों का संचालन एक सितंबर से शुरू किया जाए।
छात्रावासों के प्रबंधन, भोजन व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं के लिए स्पष्ट एसओपी तैयार की जाएगी। इसके अलावा जिन स्वीकृत महाविद्यालयों के लिए अभी तक भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है, वहां शीघ्र भूमि की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में छात्र संघ चुनाव समय पर कराने और छात्र संघ में छात्राओं की 50 प्रतिशत भागीदारी पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने महाविद्यालयों में कार्यरत योग प्रशिक्षकों के कार्यों का फीडबैक प्राचार्यों से लेने के निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम, उच्च शिक्षा निदेशक वीएन खाली, संयुक्त सचिव प्रदीप मोहन नौटियाल, संयुक्त निदेशक संगीता गुप्ता सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।






