Uttarakhand

भीमताल को 96.71 करोड़ की सौगात…धामी ने योजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

भीमताल में सैनिकों और व्यापारियों के लिए बहुउद्देश्यीय भवन बनाने की घोषणा, मंदिर माला मिशन में शामिल होंगे भीमेश्वर और पशुपतिनाथ मंदिर

नैनीताल, 5 जून 2026:

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नैनीताल जिले को 96.71 करोड़ रुपये की 13 विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें 67 करोड़ रुपये की लागत से तैयार छह परियोजनाओं का लोकार्पण और 29.71 करोड़ रुपये की सात योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। भीमताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए कई नई घोषणाएं भी कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भीमताल में सैनिकों और व्यापारियों के लिए बहुउद्देश्यीय भवन बनाया जाएगा। भीमेश्वर मंदिर और ओखलकांडा स्थित पशुपतिनाथ मंदिर को मंदिर माला मिशन से जोड़ा जाएगा। रामगढ़ ब्लॉक के ओढ़ाखांन से मुक्तेश्वर मोटर मार्ग और जीप मार्ग के मिलान का काम कराया जाएगा। साथ ही रामगढ़ उप तहसील का संचालन जल्द शुरू करने और क्षेत्र में प्राधिकरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की।

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की झीलें, जंगल, पहाड़ और प्राकृतिक धरोहर सिर्फ पर्यटन का आधार नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी भी हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल औपचारिकता नहीं बल्कि भविष्य को सुरक्षित रखने का संकल्प है।

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उन्होंने कहा कि बदलता मौसम, बढ़ता तापमान, अनियमित बारिश, सूखते जल स्रोत और पिघलते ग्लेशियर जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकेत हैं। इसका असर खेती, जैव विविधता, जल स्रोतों और पर्यटन पर पड़ रहा है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। मिशन लाइफ और एक पेड़ मां के नाम अभियान इसी सोच का हिस्सा हैं। उन्होंने प्रदेश के हर परिवार से अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने की अपील की।

उन्होंने चिपको आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने दुनिया को प्रकृति संरक्षण का रास्ता दिखाया था। आज फिर उसी भावना को मजबूत करने की जरूरत है ताकि पर्यावरण संरक्षण जनआंदोलन बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, नदी संरक्षण, वनीकरण, वन्यजीव संरक्षण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने सकल पर्यावरण उत्पाद की अवधारणा को लागू किया है। उन्होंने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में लोगों से सहयोग की अपील भी की।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। नैनीताल जिले की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क संपर्क को प्राथमिकता दी जा रही है।

कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए भीमताल विधानसभा क्षेत्र में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक सरिता आर्या, राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, नगर पालिका अध्यक्ष सीमा टमटा, कुमाऊं आयुक्त और मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति दीवान सिंह रावत, सीडीओ अरविंद कुमार पांडे समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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