योगेंद्र मलिक
देहरादून, 27 मई 2026ः
उत्तराखंड की सरकार बच्चों की हेल्थ को लेकर गंभीर है। देहरादून में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने पीएम पोषण की अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने पीएम पोषण योजना के तहत अधिक से अधिक स्कूलों का सोशल ऑडिट कराने और उसमें मिलने वाली कमियों के बारे में सम्बन्धित जनपदों को सूचित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
मुख्य सचिव ने बुधवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक की। उन्होंने विद्यालयों में बच्चों की डिजिटल मैपिंग व ट्रैकिंग मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए।
बच्चों की हेल्थ स्क्रीनिंग पर जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग एनीमिया आदि से पीड़ित बच्चों का उपचार सहित लगातार फॉलोअप करे। उन्होंने कहा कि विद्यालयों पर नजर रखी जाए, ताकि यह भी पता चल सके कि किस जनपद या ब्लॉक के बच्चों में किस प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हैं। इससे उन क्षेत्रों में ऐसी समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष प्रयास किए जा सकेंगे।
सचिव रविनाथ रमन ने पीएम पोषण योजना की वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार को प्रस्तावित की जाने वाली वार्षिक कार्य योजना एवं बजट को समिति के सम्मुख प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि विभाग की नई पहल के रूप में बागेश्वर और हरिद्वार जनपदों में 78 भोजन माताओं को मशरूम खेती का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे मिड डे मील में पोषक तत्वों को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के सहयोग से बच्चों को सप्ताह में दो बार फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड स्किम्ड दूध दिया जा रहा है।
रविनाथ रमन ने कहा कि यह राज्य सरकार की एक पहल है। इसका उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है। इस अवसर पर अपर सचिव नमामि बंसल, चंद्रेश कुमार यादव, रोहित मीणा, निदेशक विद्यालयी शिक्षा मुकुल कुमार सती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






