
लखनऊ, 14 जुलाई 2026:
आम आदमी पार्टी (आप) के यूपी प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लद्दाख के अधिकारों और देश के युवाओं के भविष्य के लिए जंतर-मंतर पर 17 दिन से आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक के समर्थन में जोरदार आवाज उठाई। उन्होंने केंद्र सरकार और मुख्यधारा के मीडिया पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े इतने बड़े मुद्दे पर सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। राष्ट्रीय मीडिया भी पूरी तरह खामोश है।
संजय सिंह ने कहा कि सोनम वांगचुक वही शख्सियत हैं जिनके जीवन से प्रेरित होकर फिल्म 3 इडियट्स बनाई गई। उन्होंने लद्दाख में कमजोर बच्चों की शिक्षा के लिए क्रांतिकारी स्कूल की स्थापना की और भारतीय सेना के जवानों के लिए माइनस 20 डिग्री तापमान में उपयोगी विशेष टेंट भी विकसित किए। आज वही व्यक्ति युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए 17 दिनों से भूखे हैं। उनका वजन लगातार घट रहा है। स्वास्थ्य बिगड़ रहा है लेकिन उनका संकल्प अडिग है।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में अब तक 93 पेपर लीक हो चुके हैं। इससे करोड़ों युवाओं के सपने टूटे हैं। नीट परीक्षा में कथित धांधली और अग्निवीर योजना ने भी युवाओं के भविष्य को असुरक्षित बना दिया है। उनका कहना था कि सोनम वांगचुक इन्हीं युवाओं की आवाज बनकर जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं।
संजय सिंह ने कहा कि तथाकथित ‘गोदी मीडिया’ की आत्मा मर चुकी है। सरकार के दबाव में कोई भी राष्ट्रीय चैनल 17 दिनों से चल रहे इस अनशन की खबर तक नहीं दिखा रहा। उन्होंने कहा कि यदि आज देश का युवा सड़कों पर नहीं उतरा तो यह चुप्पी आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपराध मानी जाएगी।
पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने पर्यावरणविद् प्रो. जीडी अग्रवाल का जिक्र किया और कहा कि गंगा की निर्मलता के लिए 100 दिनों से अधिक चले उनके आमरण अनशन के दौरान भी सरकार का रवैया नहीं बदला। मृत्यु के बाद केवल औपचारिक ट्वीट किया गया। उन्होंने भाजपा सांसदों और विधायकों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर युवाओं के हित में सरकार पर दबाव बनाने की अपील की।
आप नेता ने बताया कि सोनम वांगचुक के आंदोलन को जॉन ब्रिटास, दीपांकर भट्टाचार्य, पुष्पेंद्र सरोज, उद्धव ठाकरे और अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने घोषणा की कि 20 जुलाई को आम आदमी पार्टी की राज्य इकाई प्रदेश के हर जिले में विशाल प्रदर्शन करेगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अस्पताल में भर्ती अनशनकारी बिटिया दानिश और जंतर-मंतर पर बैठे अन्य 25 अनशनकारियों के समर्थन में आगे आने की अपील करते हुए दिनकर की पंक्ति दोहराई… समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध।






