राममंदिर चढ़ावा केस : जेल में बंद लवकुश के घर पर ADA की नोटिस चस्पा, सीलिंग की चेतावनी
लवकुश मिश्रा की पत्नी के नाम दर्ज मकान पर अयोध्या विकास प्राधिकरण ने अंतिम नोटिस चस्पा की, पहले जारी नोटिस का जवाब नहीं मिला, 15 जुलाई तक नक्शा व अन्य दस्तावेज नहीं देने पर सीलिंग की कार्रवाई की चेतावनी

अनिल निषाद
अयोध्या, 14 जुलाई 2026:
राम मंदिर चढ़ावा घपला मामले में जेल में बंद लवकुश मिश्रा की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं। अब अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने उनकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम दर्ज नवनिर्मित मकान पर अंतिम नोटिस चस्पा कर दी है। प्राधिकरण ने भवन का स्वीकृत नक्शा पेश करने के लिए 15 जुलाई की तारीख तय की है। अगर तय समय तक जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए गए तो भवन को सील करने की कार्रवाई की जा सकती है।
पहले नोटिस का नहीं मिला जवाब
अयोध्या विकास प्राधिकरण के मुताबिक इस भवन को लेकर पहले भी नोटिस जारी की गई थी। 3 जुलाई को संबंधित पक्ष को उपस्थित होकर निर्माण से जुड़े दस्तावेज, स्वीकृत नक्शा या शमन मानचित्र पेश करने के लिए कहा गया था। तय तारीख पर न तो कोई जवाब दिया गया और न ही प्राधिकरण के सामने कोई दस्तावेज रखा गया।

इसी के बाद मामले में अगली सुनवाई के लिए 15 जुलाई 2026 की तारीख तय की गई है। प्राधिकरण ने इसे अंतिम अवसर बताते हुए स्पष्ट किया है कि अगर इस बार भी जवाब नहीं मिला तो नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मकान पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम दर्ज
प्राधिकरण की नोटिस के अनुसार संबंधित भवन सुप्रिया मिश्रा के नाम दर्ज है, जो लवकुश मिश्रा की पत्नी हैं। नोटिस सीधे उनके नाम जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि 15 जुलाई को सुबह 11 बजे सक्षम अधिकारी के सामने उपस्थित होकर निर्माण से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज पेश किए जाएं। अगर संबंधित पक्ष सुनवाई में शामिल नहीं होता या स्वीकृत नक्शा और अन्य जरूरी कागजात उपलब्ध नहीं कराता है तो भवन के खिलाफ सीलिंग समेत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

राम मंदिर चढ़ावा केस से जुड़ा है लवकुश का नाम
लवकुश मिश्रा का नाम राम मंदिर चढ़ावा घपला मामले में दर्ज एफआईआर में शामिल है। इस मामले में वह फिलहाल जेल में बंद हैं। इसी बीच उसके मकान पर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई ने मामले को नई चर्चा में ला दिया है। हालांकि, भवन संबंधी यह कार्रवाई विकास प्राधिकरण की ओर से भवन निर्माण नियमों के पालन को लेकर की जा रही है। वहीं राम मंदिर चढ़ावा घपला मामले की जांच अलग से संबंधित जांच एजेंसियां कर रही हैं। दोनों मामलों की प्रक्रिया अलग-अलग स्तर पर आगे बढ़ रही है।






