अनिल निषाद
अयोध्या, 26 अप्रैल 2026:
शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर नगर निगम ने एक नई पहल शुरू की है। माता देवकाली मंदिर के सामने लंबे समय से खाली पड़े तिराहे को अब विकसित किया जाएगा। यहां ऑपरेशन सिंदूर की याद में भव्य सिंदूर स्मारक बनाने का फैसला लिया गया है।
योजना के तहत इस स्थल को आकर्षक लाइटिंग और खास डिजाइन के साथ तैयार किया जाएगा। रामपथ से गुजरने वाले लोगों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को यह जगह अलग पहचान के साथ नजर आएगी। नगर निगम का फोकस इस स्थान को साफ-सुथरा और देखने में प्रभावशाली बनाने पर है।

महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि यह पहल सिर्फ शहर को सुंदर बनाने तक सीमित नहीं है। इसका मकसद धार्मिक आस्था को भी मजबूती देना है। मान्यता के मुताबिक माता जानकी सौभाग्य की प्रतीक हैं और माता देवकाली उनकी कुलदेवी मानी जाती हैं। इसी वजह से इस स्थान को इस रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है, ताकि यहां से गुजरने वालों को सकारात्मक माहौल महसूस हो।
छोटी देवकाली मंदिर चौराहे के नाम को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी महापौर ने साफ बात कही। उन्होंने बताया कि नगर निगम की तय प्रक्रिया के बिना किसी चौराहे का नाम नहीं बदला जा सकता और अभी ऐसी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। हाल के दिनों में यह बात फैल रही थी कि चौराहे का नाम बदलकर सिंदूर चौराहा किया जाएगा, जिसको लेकर विरोध भी सामने आया था। इस परियोजना के लिए शुरुआती तौर पर करीब 20 लाख रुपये 15वें वित्त आयोग से मंजूर किए गए हैं। आगे जरूरत के हिसाब से काम का दायरा बढ़ाया जाएगा।






