अयोध्या, 22 अप्रैल 2026:
नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव अयोध्या पहुंचे और यहां राम जन्मभूमि परिसर में रामलला के दर्शन किए। उन्होंने हनुमानगढ़ी में भी पूजा-अर्चना की और देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में राज्यपाल भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि भगवान राम उनके पाहुन हैं और वह अपने पाहुन के घर आए हैं। अयोध्या आना उनके लिए खास और भावनात्मक पल रहा।
राज्यपाल ने राम मंदिर को देश की आस्था, संस्कृति और गौरव से जुड़ा प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राम सिर्फ पूजा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि आदर्श जीवन का रास्ता दिखाने वाले हैं। उनके जीवन से मर्यादा, त्याग और कर्तव्य निभाने की सीख मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि राम के साथ सीता, लक्ष्मण और हनुमान का स्वरूप भारतीय संस्कृति की पूरी तस्वीर पेश करता है। यह एक ऐसी परंपरा है जिसमें परिवार, समर्पण और सेवा का भाव साफ दिखता है।
राम मंदिर के निर्माण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह लंबे इंतजार के बाद संभव हुआ और देश के लिए ऐतिहासिक मौका है। इसके बाद खासकर युवाओं में धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ा है। राज्यपाल ने अयोध्या में हो रहे तेज विकास का जिक्र करते हुए कहा कि शहर का रूप तेजी से बदल रहा है। यहां आकर अलग तरह की आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस होती है, जो हर आने वाले को अपने साथ जोड़ लेती है।






