लखनऊ, 22 अप्रैल 2026:
महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर सियासी घमासान अब सड़क तक उतर आया है। यूपी की राजधानी लखनऊ में भाजपा की महिला पदयात्रा के दौरान दिए गए बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद बुधवार को और उग्र हो गया जब सपा नेता गौरव चौधरी अपने साथी के साथ महापौर सुषमा खर्कवाल के आवास पहुंच गए।
आरोप है कि गौरव चौधरी और उनके एक साथी ने महापौर की नेम प्लेट पर चप्पलों से प्रहार किया और उस पर कालिख पोत दी। इस दौरान सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरियर को भी हिलाया और सुषमा खर्कवाल मुर्दाबाद के नारे लगाए। घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया जिसमें गौरव चौधरी, विधानसभा 43 सिवालखास, मेरठ लिखा दिखाई दे रहा है।

उधर महापौर सुषमा खर्कवाल का कहना है कि यह सपा का चरित्र है जो महिलाओं का सम्मान नहीं करता। दरअसल, विवाद की शुरुआत भाजपा की महिला पदयात्रा में महापौर के उस बयान से हुई जिसमें उन्होंने विपक्ष पर महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि जिस मां ने आपको जन्म दिया, वही आपकी पहली शिक्षक है और आपने उसी मां का अपमान किया है।
इस बयान को लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने पर महापौर ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी की मां को अपशब्द नहीं कहे हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि उनके बयान में कोई आपत्तिजनक शब्द साबित हो जाए तो सामने लाया जाए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल महिलाओं के सम्मान की बात करना था।

वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पलटवार करते हुए लिखा कि राजनीतिक मजबूरी में किसी की दिवंगत मां का नाम लेकर दूसरी महिला का अपमान करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इसे भारतीय समाज के मूल्यों के खिलाफ बताया। इस पूरे घटनाक्रम ने महिला सम्मान के मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति में नई तल्खी पैदा कर दी है।






