Uttarakhand

चमोली में धामी का रिपोर्ट कार्ड: विकास, रोजगार व महिलाओं की ताकत पर जोर, मंच से सुनीं शिकायतें

गोपेश्वर के पुलिस मैदान में जनसंवाद कार्यक्रम बना समाधान का उत्सव, सीएम ने दिया सरकार की पांच साल की उपलब्धियों का ब्योरा, 155 करोड़ की 63 योजनाओं की सौगात, बद्रीनाथ मंदिर चोरी मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा, कई लोगों की समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान

चमोली, 16 जुलाई 2026:

गोपेश्वर के पुलिस मैदान में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम ने समाधान के उत्सव का रूप ले लिया। एक तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार के पांच वर्षों की उपलब्धियों का ब्यौरा रखा, वहीं दूसरी तरफ आम लोगों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों को मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ, लाभार्थियों को सहायता सामग्री वितरित की गई और कई लोगों को उनकी लंबित समस्याओं से राहत भी मिली।

पहले चरण में 6 लाख की भागीदारी, 60 हजार से अधिक मामलों का समाधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगवाना नहीं बल्कि प्रशासन को उनके दरवाजे तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन एवं समर्पण सेवा पखवाड़ा इसी सोच का हिस्सा है, जिसके जरिए शासन सीधे जनता के बीच पहुंच रहा है।

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उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में प्रदेशभर में छह लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की और 60 हजार से ज्यादा मामलों का समाधान मौके पर किया गया। उनके मुताबिक सरकार पांच साल पूरे होने पर अपनी उपलब्धियां गिनाने के साथ जनता के प्रति जवाबदेही भी निभा रही है।
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सीमांत गांवों को नई पहचान देने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांवों को देश का पहला गांव बताकर विकास की नई सोच दी है। राज्य सरकार उसी दिशा में काम कर रही है ताकि सीमा से लगे गांवों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार और पर्यटन से जुड़ी योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पलायन रोकने में भी मदद मिल रही है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

3.75 लाख करोड़ के निवेश समझौते हुए, पर्यटन से बदल रही तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड ने कई नई उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य में पहली बार जी-20 की बैठकों का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी की गई। शीतकालीन यात्रा शुरू होने से पर्यटन गतिविधियां पूरे साल चलने लगी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 3.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं। इनमें एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश पर काम शुरू हो चुका है। इससे उद्योग, कारोबार और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हुई है। जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी हुई है, प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है और Startup, Tourism तथा Homestay जैसे क्षेत्रों में तेजी से विस्तार हुआ है।

योजनाओं का असर दिखा पलायन करने वाले युवा गांव लौट रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में युवा गांव छोड़ते थे, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। सरकार की स्वरोजगार और पर्यटन से जुड़ी योजनाओं का असर दिख रहा है। युवा गांवों में ही कारोबार शुरू कर रहे हैं और रिवर्स पलायन की सकारात्मक तस्वीर सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि होमस्टे, कृषि आधारित उद्योग, बागवानी और स्थानीय उत्पादों के जरिए लोगों की आय बढ़ रही है।
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कानून और पारदर्शिता पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। इसके अलावा धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून लागू कर सरकार ने साफ संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया गया है और अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।

चमोली को 155 करोड़ की योजनाओं का तोहफा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में चमोली जिले में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं पर काम हुआ है। बदरीनाथ धाम, माणा, नीति और आसपास के क्षेत्रों में मास्टर प्लान के तहत तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को 155 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं।
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रेल परियोजना से बढ़ेंगी संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना राज्य की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। इसके पूरा होने से पर्यटन को नई गति मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। रोजगार के नए अवसर बनेंगे और यात्रियों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

हेली एम्बुलेंस सेवा समेत अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। हेली एम्बुलेंस सेवा इसका एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से अब तक चमोली के 76 गंभीर मरीजों को हेली एम्बुलेंस के जरिए समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने पर काम कर रही है ताकि पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों को इलाज के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। चमोली जिले में 42 हजार से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से 25 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों से जुड़े कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
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किसानों को योजनाओं का सहारा

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि के तहत जिले के 48 हजार से अधिक किसानों को 196 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता दी जा चुकी है। सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि बागवानी, जैविक खेती और स्थानीय फसलों को बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसका लाभ किसानों को मिलने लगा है।

होमस्टे मॉडल बना रोजगार का जरिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल होमस्टे योजना का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। चमोली जिले में 872 नए होमस्टे स्थापित हुए हैं। इससे स्थानीय लोगों को घर बैठे रोजगार मिला है और पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में होमस्टे सेक्टर राज्य की अर्थव्यवस्था में और बड़ी भूमिका निभाएगा।

जनसंवाद शिविर में दिखा समाधान का मॉडल

कार्यक्रम के दौरान आयोजित जनसंवाद शिविर में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कई लोगों ने खेती, स्वरोजगार, बागवानी, पशुपालन और प्रशासनिक मामलों से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं।

जयदीप के हाथों में आ गया पंजीकरण प्रमाण पत्र

दशोली ब्लॉक के कौजपोथनी गांव निवासी जयदीप सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग में ठेकेदारी पंजीकरण का उनका आवेदन चार दिनों से लंबित है। मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को उसी दिन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। विभाग ने तत्काल कार्रवाई कर पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया।

सरिता देवी को मिली झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन

नन्दानगर ब्लॉक के खलतरा गांव की सरिता देवी ने बताया कि उनके क्षेत्र में झंगोरे का अच्छा उत्पादन होता है, लेकिन प्रसंस्करण की सुविधा न होने से किसानों को दिक्कत होती है। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश देते हुए शिविर स्थल पर ही उन्हें झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन उपलब्ध कराई। इस फैसले को स्थानीय किसानों के लिए भी राहत माना जा रहा है क्योंकि इससे उत्पाद को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है।
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खेती और स्वरोजगार से जुड़ी मांगों पर तुरंत फैसले

रौली ग्वाड़ निवासी नीरज भट्ट ने लिलियम फूलों की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक माह के भीतर बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बड़ागांव निवासी गुलशन सिंह राणा ने पोल्ट्री फार्म स्थापित करने के लिए सहायता मांगी। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत उनका प्रस्ताव स्वीकृत करने के निर्देश दिए। नौली गांव के देवेन्द्र सिंह ने एप्पल मिशन के तहत पौधे और एंटी हेल नेट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग को उन्हें योजना का लाभ देने के निर्देश दिए।

हजारों लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ

शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से लाभार्थियों को सहायता सामग्री, स्वीकृति पत्र और वित्तीय सहायता वितरित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरित की। समाज कल्याण विभाग ने विवाह अनुदान दिया। कृषि विभाग ने फार्म मशीनरी बैंक, झंगोरा प्रोसेसिंग मशीन, घास कटर मशीन और फेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई। सहकारिता विभाग ने किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण के चेक दिए। उद्यान विभाग की ओर से पॉलीहाउस, मशरूम उत्पादन, कीवी मिशन और पीएमएफएमई योजना के लाभार्थियों को वित्तीय सहायता दी गई। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत भी कई लोगों को सहायता राशि प्रदान की गई।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले समूह हुए सम्मानित

कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली रूपकुंड फेड फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और उन्नति स्वायत्त सहकारिता एफपीओ को सम्मानित किया गया। इन संस्थाओं ने स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हरेला पर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने हरेला पर्व के अवसर पर रुद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की और कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित उत्तराखंड छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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