
देहरादून, 16 जुलाई 2026:
उत्तराखंड सरकार राज्य को देश ही नहीं बल्कि दुनिया के प्रमुख Wedding Destination के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अगर प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक विरासत, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं को एक साथ जोड़ा जाए तो उत्तराखंड Destination Wedding के लिए मजबूत विकल्प बन सकता है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Wed in Uttarakhand अभियान को आगे बढ़ाने में जुटी है।
देशभर से पहुंचे Wedding Planners, Event Experts
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मसूरी-देहरादून मार्ग स्थित पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट, किमाड़ी में इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज (ICEI) की ओर से आयोजित ग्रेस हिन्दुस्थान 2.0 उत्तराखंड राष्ट्रीय वेडिंग प्रोफेशनल्स सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने देशभर से पहुंचे Wedding Planners, Event Experts, पर्यटन कारोबारियों और निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग को नई दिशा देने का अच्छा अवसर है।
दो दिन के सम्मेलन से निकलेगा रोडमैप
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में Wedding Industry, Event Management और Tourism Sector से जुड़े विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। इससे राज्य में Wedding Tourism को बढ़ावा देने के लिए नए सुझाव मिलेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन से निकले सुझाव आने वाले समय में उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देंगे। उन्होंने आयोजन के लिए ICEI की पूरी टीम और पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट के संस्थापक आचार्य आशीष सेमवाल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने में मदद करेंगे।

Wed in Uttarakhand अभियान पर सरकार का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपने विवाह समारोह देश के भीतर आयोजित करने और खास तौर पर उत्तराखंड जैसे राज्यों को चुनने की अपील की थी। उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उनका कहना था कि Wedding Industry से जुड़े विशेषज्ञों और निवेशकों के सहयोग से उत्तराखंड को Global Wedding Destination के रूप में स्थापित किया जा सकता है।
त्रियुगीनारायण मंदिर उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत
उन्होंने कहा कि सरकार केवल प्रचार तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ऐसी व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं जिससे बड़े स्तर पर Destination Wedding का आयोजन आसानी से हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में विवाह केवल सामाजिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जीवन का सबसे पवित्र संस्कार माना जाता है। ऐसे में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध त्रियुगीनारायण मंदिर उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश के लोगों के बीच त्रियुगीनारायण को लेकर लगातार रुचि बढ़ रही है। इसी कारण सरकार यहां सुविधाओं का विस्तार कर रही है ताकि धार्मिक महत्व के साथ आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा सकें।

कई शहरों को किया जा रहा तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि त्रियुगीनारायण के अलावा ओंकारेश्वर (ऊखीमठ), मसूरी, टिहरी और रामनगर जैसे स्थानों को भी Destination Wedding के लिहाज से विकसित करने का काम चल रहा है। इन जगहों पर पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकस है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों की भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखकर विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं ताकि हर क्षेत्र अपनी अलग पहचान बना सके।
स्थानीय कारोबार को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि Wedding Tourism का फायदा केवल होटल और रिजॉर्ट तक सीमित नहीं रहता। जब किसी जगह पर बड़ी शादी होती है तो स्थानीय कारीगरों, लोक कलाकारों, फूल कारोबारियों, सजावट से जुड़े लोगों, फोटोग्राफरों, कैटरिंग व्यवसाय, टैक्सी चालकों, होमस्टे संचालकों और छोटे व्यापारियों तक इसका लाभ पहुंचता है। उन्होंने कहा कि सरकार Wedding Tourism को स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत करने और युवाओं के लिए नए रोजगार तैयार करने का प्रभावी माध्यम मान रही है। इससे गांवों तक आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
पर्यटन का दायरा लगातार बढ़ाने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि उत्तराखंड आने वाले पर्यटक सिर्फ प्राकृतिक नजारों तक सीमित न रहें बल्कि यहां की संस्कृति, परंपरा, अध्यात्म और स्थानीय जीवनशैली को भी करीब से महसूस करें। इसी वजह से पर्यटन के अलग-अलग क्षेत्रों पर एक साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य प्रकृति, संस्कृति, अध्यात्म और वेलनेस का ऐसा संगम है जो पर्यटकों को अलग अनुभव देता है।

Wellness Tourism पर भी बढ़ा जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट इस बात का उदाहरण है कि आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और आधुनिक सुविधाओं को जोड़कर विश्वस्तरीय Wellness Tourism विकसित किया जा सकता है। सरकार Wedding Tourism के साथ Wellness Tourism और Spiritual Tourism को भी बराबर प्राथमिकता दे रही है। उनका कहना था कि भविष्य में उत्तराखंड इन तीनों क्षेत्रों का बड़ा केंद्र बन सकता है।
धार्मिक परियोजनाओं पर तेजी से काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के विकास के साथ हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देकर पूरे साल पर्यटन गतिविधियां जारी रखने की योजना पर भी सरकार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में एक-एक Spiritual Economic Zone विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इससे योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक पर्यटन को नई ताकत मिलेगी।

Triple R Connectivity पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेश के अनुकूल माहौल की वजह से उत्तराखंड निवेशकों के लिए भरोसेमंद राज्य बन रहा है। सरकार सड़क, रेल और रोपवे आधारित Triple R Connectivity को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, विभिन्न रोपवे प्रोजेक्ट, जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार के साथ सभी जिलों में हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। इससे पर्यटकों की आवाजाही पहले से ज्यादा आसान होगी और Wedding Tourism को भी फायदा मिलेगा।
निवेशकों को दिया साझेदारी का न्योता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार Ease of Doing Business को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था लागू कर चुकी है। इससे निवेशकों, Wedding Planners और Event Organisers को जरूरी प्रशासनिक सहयोग मिल रहा है। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद विशेषज्ञों, पर्यटन कारोबारियों और निवेशकों से उत्तराखंड के पर्यटन विकास में भागीदारी बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर काम करेंगे तो उत्तराखंड को Global Wedding Destination बनाने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा। सम्मेलन में इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज (ICEI) के पदाधिकारी व देशभर से आए Wedding Planners, पर्यटन और इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ, उद्यमी और निवेशक मौजूद रहे।






