
लखनऊ, 16 जुलाई 2026:
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मरीजों को बेहतर और पारदर्शी इलाज उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने वाले अस्पतालों पर साचीज ने शिकंजा कस दिया है। प्रदेश के बिजनौर में योजना से जुड़े 20 सूचीबद्ध अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान 16 अस्पतालों में निर्धारित दिशा-निर्देशों और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं मिला। इसके बाद इन सभी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा के मुताबिक निरीक्षण का उद्देश्य यह जांचना था कि योजना से जुड़े अस्पताल केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस (एसटीजी) और अन्य गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं या नहीं। इसके लिए साचीज द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के बिजनौर के 20 विभिन्न सूचीबद्ध अस्पतालों का निरीक्षण किया।
टीम ने अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार प्रक्रिया, दस्तावेजों और रिकॉर्ड, क्लेम प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की गहन जांच की। इस दौरान कई अस्पतालों में मानकों के उल्लंघन के साथ उपचार संबंधी गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं।
जांच में छह अस्पतालों को निलंबन नोटिस जारी करने के साथ भुगतान रोकने का आदेश दिया गया है। वहीं, 10 अस्पतालों को अनियमितताओं के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। इन अस्पतालों में एक ही परिवार के मरीजों को बार-बार भर्ती करने और बिना जरुरत आईसीयू बुक करने जैसी गड़बड़ियां सामने आईं। अब इन मामलों में जुर्माने की गणना की जाएगी और नियमानुसार 10 गुना जुर्माना लगाया जाएगा।
साचीज ने संबंधित ऑडिट एजेंसी को भी नोटिस जारी किया है। इसके अलावा जिला कार्यक्रम समन्वयक को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। सीईओ अर्चना वर्मा ने स्पष्ट किया कि आयुष्मान योजना से जुड़े हर सूचीबद्ध अस्पताल के लिए सभी दिशा-निर्देशों, एसटीजी और गुणवत्ता मानकों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है। मरीजों के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सूचीबद्ध अस्पतालों की नियमित निगरानी जारी रहेगी। आगे भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे और अनियमितता मिलने पर तत्काल सख्त कार्रवाई होगी। विभाग का लक्ष्य पात्र लाभार्थियों को समय पर पारदर्शी, मानक आधारित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वस्थ और सशक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को प्रभावी रूप से साकार किया जा सके।






