
लखनऊ, 18 जुलाई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में मकान, फ्लैट और प्लॉट खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की संपत्तियों के लिए पंजीकरण धनराशि जमा करने में आर्थिक परेशानी आड़े नहीं आएगी। इच्छुक खरीदार अब बैंक लोन की मदद से संपत्ति के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। इस दिशा में एलडीए ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ समझौता किया है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की पहल पर शुरू की गई इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उन लोगों को सुविधा देना है जो संपत्ति खरीदना चाहते हैं लेकिन एकमुश्त पंजीकरण धनराशि जमा करने में सक्षम नहीं हैं। एलडीए अधिकारियों के अनुसार इससे प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में अधिक से अधिक लोग भाग ले सकेंगे और संपत्ति खरीदने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि ‘पहले आओ-पहले पाओ’ योजना के तहत फ्लैट खरीदने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया जाता है। सामान्य श्रेणी के आवेदक को फ्लैट के अनुमानित मूल्य का 5 प्रतिशत, जबकि आरक्षित श्रेणी के आवेदक को 2.5 प्रतिशत राशि पंजीकरण शुल्क के रूप में जमा करनी होती है। इसी तरह ई-ऑक्शन में प्रस्तावित व्यावसायिक एवं आवासीय भूखंड, भवन और दुकानों के लिए संपत्ति मूल्य की 10 प्रतिशत राशि ईएमडी के रूप में जमा करनी होती है। लॉटरी के माध्यम से आवंटित होने वाले भूखंड और भवनों के लिए भी पंजीकरण धनराशि जमा करना जरूरी होता है।
इसलिए कई इच्छुक लोग नहीं कर पाते थे आवेदन
एलडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि अब तक बैंक संपत्ति आवंटित होने के बाद आवंटन पत्र के आधार पर ऋण देते थे लेकिन पंजीकरण राशि के लिए लोन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसी वजह से कई इच्छुक लोग आवेदन नहीं कर पाते थे। नई व्यवस्था से यह बाधा दूर होगी और खरीदार बैंक ऋण के माध्यम से पंजीकरण करा सकेंगे।
आवंटन के बाद कागजी प्रक्रिया भी होगी आसान
एलडीए के वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि यदि आवेदक को संपत्ति का आवंटन हो जाता है तो शेष धनराशि के लिए बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया भी आसान होगी। आवेदक को दोबारा विस्तृत कागजी औपचारिकताएं पूरी नहीं करनी पड़ेंगी। आवंटन न होने की स्थिति में एलडीए पंजीकरण धनराशि सीधे पंजाब नेशनल बैंक को वापस करेगा। इससे आवेदकों के हित सुरक्षित रहेंगे और धनवापसी की प्रक्रिया पारदर्शी व सरल बनेगी।






