
देहरादून, 18 जुलाई 2026:
देहरादून-ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन Highway Project को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि परियोजना से जुड़े मुद्दों पर लोगों की राय और पर्यावरण संबंधी चिंताओं को गंभीरता से लिया गया है। इसी के चलते सभी हितधारकों से दोबारा बातचीत की जाएगी और जब तक सहमति का माहौल नहीं बनता, तब तक परियोजना के दायरे में आने वाले पेड़ों की कटाई नहीं होगी।
लोगों की आपत्तियों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से अपनी मंशा साफ करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और विभिन्न संगठनों की ओर से कई सुझाव और आपत्तियां सामने आई हैं। सरकार चाहती है कि विकास के साथ लोगों का भरोसा भी बना रहे। इसी वजह से प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और विषय विशेषज्ञों के साथ संवाद किया जाए।
NHAI की अहम परियोजना
सरकार के मुताबिक यह NHAI की महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है। इस पर उच्च न्यायालय के निर्देशों के साथ सभी जरूरी कानूनी और पर्यावरणीय प्रक्रियाओं का पालन करते हुए काम आगे बढ़ाया जा रहा था। सरकार का कहना है कि परियोजना का मकसद बेहतर यातायात व्यवस्था तैयार करना है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण संरक्षण भी प्राथमिकता में रखा गया है।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम
परियोजना में वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए करीब 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा छोटे वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट भी बनाए जाने हैं। सरकार का मानना है कि इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष कम होगा और सड़क हादसों में वन्यजीवों की मौत की घटनाओं में भी कमी आएगी, क्योंकि यह इलाका वन्यजीवों की आवाजाही के लिए संवेदनशील माना जाता है।
हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि विकास राज्य के लिए जरूरी है, लेकिन जनभावनाओं, स्थानीय हितों और पर्यावरण की अनदेखी कर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का पूरा सम्मान करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी पक्षों के बीच संतोषजनक सहमति और विश्वास का माहौल बनने तक पेड़ों की कटाई स्थगित रहेगी।






