
हरदोई, 22 जुलाई 2026:
हरदोई रोडवेज बस अड्डे पर बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 32 वर्षीय महिला की जान चली गई। बस का इंतजार कर रही महिला दो रोडवेज बसों के बीच फंस गई। दोनों बसों के एक साथ आगे बढ़ने से उसका सिर बुरी तरह दब गया। वो चीख तक नहीं सकी। गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद बस अड्डे पर अफरा-तफरी मच गई।
बस का इंतजार कर रही थी नेहा
मृतका की पहचान कोतवाली देहात क्षेत्र के खेतुई गांव निवासी नेहा सिंह के रूप में हुई है। वह एक निजी दवा कंपनी में नौकरी करती थीं। बुधवार को वह उन्नाव के बांगरमऊ में कंपनी की आधिकारिक बैठक में शामिल होने के लिए रोडवेज बस अड्डे पहुंची थीं। इसी दौरान कन्नौज डिपो और हरदोई डिपो की दो बसें खड़ीं थीं। वो इनके बीच खाली पड़ी जगह से निकल रही थी तभी लगभग एक साथ दोनों बसें आगे बढ़ीं और नेहा उनके अगले हिस्सों के बीच फंस गईं।
अस्पताल पहुंचने से पहले टूट गई सांस, ड्राइवरों पर लापरवाही का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बीच मे फंसी नेहा को किसी तरह बसों के बीच से निकाला और मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों का कहना है कि दोनों बस चालकों ने बिना साइड मिरर देखे कि कोई व्यक्ति है या नहीं, बसें आगे बढ़ा दीं। उनका आरोप है कि अगर थोड़ी भी सावधानी बरती जाती तो नेहा की जान बच सकती थी। पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

परिवार पर फिर टूटा दुखों का पहाड़
नेहा के देवर वीरेश सिंह ने बताया कि करीब 10 साल पहले उनके पति सर्वेश सिंह की भी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह ट्रक चालक थे और डीसीएम व ट्रक के बीच फंसने से उनकी जान चली गई थी। पति की मौत के बाद नेहा ने नौकरी कर पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाली। वह अपनी 15 वर्षीय बेटी रिया सिंह और 11 वर्षीय बेटे विवेक की परवरिश कर रही थीं। अब इस हादसे के बाद दोनों बच्चों के सिर से मां का साया भी उठ गया।






