
स्पोर्ट्स डेस्क, 24 जुलाई 2026:
भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज की शानदार शुरुआत करते हुए पहला मुकाबला सात विकेट से जीत लिया। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मैच में टीम इंडिया ने 126 रन का लक्ष्य सिर्फ 13.2 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। कप्तान श्रेयस अय्यर को भी टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कप्तान के तौर पर पहली जीत मिली।
वैभव ने आते ही बदल दिया मैच
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर आते ही मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया।
वैभव ने सिर्फ 19 गेंद में 50 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल रहे। उन्होंने महज 18 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा कर नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया। अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद वह आउट हो गए, लेकिन तब तक भारत जीत की दहलीज पर पहुंच चुका था। इसके बाद ईशान किशन ने 35 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर 28 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम को जीत दिलाई।
सबसे युवा T20I अर्धशतकवीर बने वैभव
वैभव सूर्यवंशी ने इस मुकाबले में विश्व क्रिकेट का बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। 15 साल 118 दिन की उम्र में वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के सबसे युवा बल्लेबाज बन गए। उन्होंने जिब्राल्टर के लुई ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वैभव पहले ही भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। इंग्लैंड दौरे पर लगातार तीन छोटी पारियों के बाद उन्होंने हरारे में शानदार वापसी करते हुए अपनी प्रतिभा का दम दिखाया। इसी मैदान पर उन्होंने इसी साल अंडर-19 विश्व कप फाइनल में 175 रन की यादगार पारी भी खेली थी।
मयंक यादव ने वापसी को बनाया यादगार
करीब 21 महीने बाद भारतीय टीम में लौटे तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपनी वापसी को खास बना दिया। उन्होंने मैच की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को विकेटकीपर ईशान किशन के हाथों कैच कराया। मैदान पर अंपायर ने बल्लेबाज को नॉट आउट दिया था, लेकिन डीआरएस में फैसला भारत के पक्ष में गया।

इसके साथ ही मयंक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की पहली गेंद पर विकेट लेने वाले भारत के तीसरे गेंदबाज बन गए। उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 18 रन देकर दो विकेट लिए। लगातार 145 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए उन्होंने डियन मायर्स का विकेट भी झटका और साबित कर दिया कि चोट के बाद उनकी गति और धार बरकरार है।
गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को नहीं संभलने दिया
भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही मेजबान टीम पर दबाव बनाए रखा। मयंक यादव और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट लिए। प्रिंस ने अपने चार ओवर में सिर्फ 19 रन खर्च किए। शिवम दुबे और रवि बिश्नोई को भी एक-एक सफलता मिली। डेब्यू कर रहे अशोक शर्मा ने शुरुआती ओवरों में रन जरूर दिए, लेकिन बाद में अच्छी वापसी की।

जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने 32 रन तक अपने चार प्रमुख बल्लेबाज गंवा दिए। ब्रायन बेनेट, बेन करन, डियन मायर्स और कप्तान सिकंदर रजा सस्ते में आउट हो गए। इसके बाद रयान बर्ल ने 26, वेस्ली मधेवेरे ने 38 और तादिवानाशे मारुमानी ने नाबाद 27 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन टीम 20 ओवर में सात विकेट पर 125 रन ही बना सकी।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहली जीत
यह मुकाबला कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी खास रहा। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर लगातार हार के बाद उनकी कप्तानी में भारत को पहली टी20 अंतरराष्ट्रीय जीत मिली। गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन और वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने एकतरफा अंदाज में मुकाबला जीतकर सीरीज में बढ़त हासिल कर ली।






