
लखनऊ, 28 जुलाई 2026:
भारतीय प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा ने अब सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया है। एक समय यूपी की नौकरशाही का एक चर्चित चेहरा रहे डॉ. वर्मा ने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता ग्रहण कर राजनीतिक पारी की शुरुआत की। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उन्हें औपचारिक रूप से सदस्यता दिलाते हुए स्वागत किया।
करीब तीन दशक लंबे प्रशासनिक अनुभव वाले डॉ. राकेश वर्मा ने किसी पारंपरिक राष्ट्रीय दल की बजाय सामाजिक न्याय, युवाओं के अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की राजनीति का दावा करने वाली आजाद समाज पार्टी का दामन थामा है। पार्टी इसे अपने संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और वैचारिक उपलब्धि मान रही है।
डॉ. राकेश वर्मा वर्ष 1997 बैच के पीसीएस अधिकारी रहे हैं। वर्ष 2018 में उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) संवर्ग में पदोन्नत किया गया था। फरवरी 2019 से वे उत्तर प्रदेश शासन में विशेष सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के पद पर कार्यरत थे। इसी पद पर रहते हुए उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन दिया था।
राजनीतिक रूप से सक्रिय होने से पहले भी डॉ. वर्मा सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों पर मुखर रहे हैं। हाल ही में वे लखनऊ के इको गार्डन में नीट पेपर लीक मामले को लेकर आयोजित धरना-प्रदर्शन में चंद्रशेखर आजाद के साथ छात्रों और युवाओं के समर्थन में शामिल हुए थे। ऐसे ही मुद्दों को लेकर उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच राजनीतिक निकटता बढ़ी।

डॉ. वर्मा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, नई दिल्ली में सलाहकार के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इसके अलावा सिंगापुर के प्रतिष्ठित ली कुआन यू स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी से प्राप्त शिक्षा और नीति निर्माण से जुड़े उनके अनुभव ने उन्हें प्रशासन और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर एक गंभीर और प्रभावशाली आवाज के रूप में स्थापित किया है। वे लेखक के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं। उनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। राजनीतिक व जनसरोकार के मुद्दों पर मुखर रहते हैं।
सदस्यता ग्रहण कराने के बाद सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि तीन दशक से अधिक का प्रशासनिक अनुभव, सामाजिक न्याय के प्रति गहरी समझ और वैचारिक प्रतिबद्धता रखने वाले डॉ. राकेश वर्मा का पार्टी में शामिल होना सामाजिक न्याय के आंदोलन की वैचारिक तथा संगठनात्मक शक्ति को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि डॉ. वर्मा का अनुभव पार्टी को जनहित के मुद्दों पर और अधिक प्रभावी बनाएगा।
मालूम हो है कि हाल के महीनों में आजाद समाज पार्टी लगातार पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को अपने साथ जोड़ रही है। इससे पहले पूर्व एडीजी एवं 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रेम प्रकाश भाजपा छोड़कर पार्टी में शामिल हो चुके हैं। वहीं पूर्व आईपीएस अधिकारी आदित्य प्रकाश वर्मा भी चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में पार्टी का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में डॉ. राकेश वर्मा की एंट्री को आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठन विस्तार की दिशा में पार्टी की एक और बड़ी सफलता माना जा रहा है।






