Gorakhpur

योगी बोले- गोरखपुर सिविल बार का इतिहास गौरव से भरा, सोशल मीडिया पर साजिशों के प्रति चेताया

सीएम ने Civil Court Bar Association की नई कार्यकारिणी को दिलाई शपथ, संघर्ष के दिन याद दिलाए, न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका की भूमिका पर रखी बात

गोरखपुर, 28 जुलाई 2026:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को गोरखपुर पहुंचे और गुरु गोरखनाथ का पूजन करने के बाद ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर जाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से जिले में चल रहे Development Projects की जानकारी ली। शाम को वह Civil Court Bar Association की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे। यहां उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और सदस्यों को प्रशस्ति पत्र भी दिए।

गोरखपुर Civil Bar का 1898 से जुड़ा इतिहास

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर Civil Bar Association के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी स्थापना 1898 में हुई थी। आजादी के आंदोलन के दौरान गोरखपुर की कचहरी और यहां के अधिवक्ताओं की अहम भूमिका रही। इस Bar से जुड़े लोगों ने न्यायपालिका के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में भी योगदान दिया। योगी ने कहा कि देश की आजादी के आंदोलन में अधिवक्ताओं की भूमिका बेहद अहम रही। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और डा राजेंद्र प्रसाद जैसे कई बड़े नेता अधिवक्ता रहे हैं।

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नए कानूनों को लागू करने में अधिवक्ताओं की अहम भूमिका

योगी ने कहा कि भारत में तीन नए Criminal Laws लागू किए गए हैं। इन्हें जमीन पर लागू करने में अधिवक्ताओं की भूमिका अहम है। आम नागरिक को यह भरोसा होना चाहिए कि उसके देश में उसके लिए कानून है और कानून उसे सुरक्षा देता है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता सिर्फ मुकदमा लड़ने तक सीमित नहीं हैं। वे सामान्य नागरिक के Legal Advisor भी हैं और संविधान के प्रहरी की भूमिका भी निभाते हैं। न्याय की गुणवत्ता, उसकी पहुंच और समयबद्धता बनाए रखने में अधिवक्ताओं की बड़ी जिम्मेदारी है।

सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश पर किया अलर्ट

योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए भारत के खिलाफ षडयंत्र किए जा सकते हैं। क्षेत्र और भाषा के नाम पर विवाद खड़ा करने की कोशिश होगी। कभी न्यायपालिका, कभी विधायिका तो कभी कार्यपालिका पर सवाल उठाए जाएंगे। ऐसे हालात में अधिवक्ता समाज की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि भारत आज अपनी नीतियां खुद बना रहा है। लंबे समय तक देश उन लोगों की ओर देखता रहा, जिन्होंने भारत पर शासन किया था। अब भारत खुद अपने फैसले लेने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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2017 से पहले यूपी को शक की नजर से देखते थे

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के लोगों को देश के दूसरे हिस्सों में शक और संदेह की नजर से देखा जाता था। लोग मिलने से भी दूरी बनाते थे। अब हालात बदल चुके हैं। आज जब कोई व्यक्ति बाहर जाकर अपना परिचय यूपी के रूप में देता है तो लोग उससे करीब आकर मिलना चाहते हैं। यही बदलाव उत्तर प्रदेश की तस्वीर में आया है। जहां पहले कट्टा और बम बनते थे, वहां अब BrahMos Missile बन रही है। जिस राज्य में कभी बेरोजगारी और पलायन बड़ी चुनौती थे, वह अब कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में शामिल है। इसके लिए नए रोजगार स्रोत तलाशे गए और Infrastructure को मजबूत किया गया।

यूपी में पहले उपद्रव, अब उत्सव का माहौल

योगी ने कहा कि पहले यूपी में उपद्रव होते थे, अब उत्सव होते हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। दंगा और कर्फ्यू जैसी स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं, समाज के हर वर्ग की भी है।

10 जिलों में शुरू हुआ Integrated Court Complex का काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले यूपी के 10 जिलों में District Court तक नहीं था। सरकार ने एक साथ करीब 3 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए। इसके बाद Integrated Court Complex तैयार करने का काम शुरू हुआ। इन परिसरों में एक ही जगह अलग-अलग अदालतों और ट्रिब्यूनल की व्यवस्था की जा रही है। 25 से 30 एकड़ में बनने वाले इन कैंपस में न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास की सुविधा भी रखी जा रही है। सभी 10 जिलों में काम शुरू हो चुका है। योगी के मुताबिक इस मॉडल का Presentation देश के मुख्य न्यायाधीश के सामने भी किया गया, जहां इसे पूरे देश में लागू करने की जरूरत बताई गई।

अधिवक्ताओं के लिए जल्द Cashless सुविधा

योगी ने कहा कि बार एसोसिएशन के साथ मिलकर अधिवक्ताओं के लिए Cashless सुविधा शुरू करने की तैयारी है। उन्होंने अधिवक्ताओं को समाज का जागरूक प्रहरी बताते हुए कहा कि आम नागरिक को आसानी से और समय पर न्याय मिले, इसके लिए Bench और Bar के बीच बेहतर संवाद जरूरी है। उन्होंने बताया कि पहले अधिवक्ता कल्याण निधि से डेढ़ लाख रुपये की मदद मिलती थी, जिसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया है। इसके Corpus Fund को 500 करोड़ रुपये किया गया है। करीब 4 हजार अधिवक्ताओं के परिवारों को अब तक 200 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जा चुकी है। सहायता की उम्र सीमा भी 60 से बढ़ाकर 70 साल की गई है। अधिवक्ता भवन और चैंबर बनाने के लिए भी सरकार की तरफ से धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है।

कोविड वैक्सीन पर बोले, 9 महीने में तैयार की Vaccine

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान जब पूरी दुनिया मुश्किल दौर से गुजर रही थी, तब भारत ने सिर्फ 9 महीने में अपनी Vaccine तैयार की। इसके बाद दुनिया के करीब 100 देशों में इसकी Supply की गई। उन्होंने गोरखपुर में इंसेफ्लाइटिस के खिलाफ लंबे समय तक चले अभियान का भी जिक्र किया। योगी ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ मिलकर इस बीमारी के खिलाफ सड़क पर लड़ाई लड़ी गई, जिसके बाद तस्वीर बदली।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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