
लखनऊ/गोरखपुर, 23 जुलाई 2026:
यूपी के गोरखपुर मंडल को पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात के नेतृत्व में दो दिवसीय समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण अभियान चलाया गया। वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत 30 पर्यटन, तीन धर्मार्थ कार्य विभाग और तीन सांस्कृतिक परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। इन पर्यटन परियोजनाओं पर करीब 77 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान अमृत अभिजात ने गोरखा युद्ध स्मारक, गौरव संग्रहालय और परमहंस योगानंद जी की जन्मस्थली पर चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हों। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

सरकार का लक्ष्य दिसंबर तक गोरखपुर की दो प्रमुख परियोजनाओं गौरव संग्रहालय और गोरखा युद्ध स्मारक को पूरा करना है। गौरव संग्रहालय में वैदिक काल से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक के इतिहास को सात अत्याधुनिक गैलरियों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं गोरखा युद्ध स्मारक में गोरखा सैनिकों के शौर्य, बलिदान और भारतीय सेना में उनके योगदान को डिजिटल गैलरी, ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के जरिए आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा।
योगी सरकार बुद्ध पर्यटन सर्किट को भी नया विस्तार देने की तैयारी में है। कुशीनगर में विपश्यना केंद्र, बुद्ध गमन मार्ग के छह प्रमुख पड़ावों का विकास, कपिलवस्तु में आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का विस्तार तथा महराजगंज के देवदह में पर्यटन विकास प्रस्तावों की समीक्षा की गई।
इसके साथ ही कसया, बड़हलगंज और पडरौना के ऐतिहासिक रामलीला मैदानों के विकास, विस्तार और सौंदर्यीकरण की योजनाओं को भी गति दी जाएगी। स्थानीय धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य गोरखपुर मंडल की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़कर इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना है।






