Lucknow City

विश्व पर्यावरण दिवस पर UP की बड़ी पहल, बायोप्लास्टिक क्रांति का होगा आगाज

दिलकुशा लॉन में आयोजित बायोयुग ग्रीन कमांड-2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी होंगे शामिल, गन्ना आधारित बायोप्लास्टिक को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ, 4 जून 2026:

पर्यावरण संरक्षण और हरित औद्योगिक विकास की दिशा में यूपी एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाने जा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को लखनऊ छावनी स्थित दिलकुशा लॉन में आयोजित होने वाले बायोयुग ग्रीन कमांड-2026 में पारंपरिक प्लास्टिक के विकल्प के रूप में बायोप्लास्टिक को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

प्रदेश को देश का एथेनॉल हब बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही योगी सरकार अब गन्ना आधारित उद्योगों से निकलने वाले नवाचारों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। एथेनॉल उत्पादन, जैव ऊर्जा और हरित उद्योगों को प्रोत्साहन देने वाली राज्य सरकार की नीतियों के बीच बायोप्लास्टिक को बढ़ावा देने की यह पहल सस्टेनेबल डेवलपमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

भारत की अग्रणी इंटीग्रेटेड शुगर एवं एथेनॉल कंपनियों में शामिल बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड (बीसीएमएल) और लखनऊ कैंटोनमेंट बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, उद्योग जगत, रक्षा क्षेत्र, शोध संस्थानों और पर्यावरण विशेषज्ञों का व्यापक संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य बायोप्लास्टिक उद्योग के विकास, निवेश आकर्षित करने और इसके व्यापक उपयोग की संभावनाओं को नई गति देना है।

कार्यक्रम की विशेषता दो उच्चस्तरीय पैनल चर्चाएं होंगी। पहली चर्चा ‘मैंडेट टू मार्केट : अनलॉकिंग द बायोप्लास्टिक्स वैल्यू चेन इन उत्तर प्रदेश’ विषय पर केंद्रित रहेगी, जिसमें उद्योग विकास, निवेश अवसरों और सरकारी सहयोग पर विचार-विमर्श होगा। वहीं दूसरी चर्चा ‘फ्रॉम मेस टू मिशन : बायोप्लास्टिक्स फॉर डिफेंस’ में रक्षा क्षेत्र में बायोप्लास्टिक के उपयोग, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरणीय लाभों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। यह आयोजन उत्तर प्रदेश को हरित और टिकाऊ औद्योगिक विकास के नए मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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