Lucknow City

डीडीसी को हवालात में डाला… कोतवाली में घंटों चला बवाल, बैकफुट पर आई पुलिस, धरना खत्म

जिला पंचायत सदस्य अरुण यादव को कोतवाली लाकर हवालात में बंद किए जाने से भड़का विवाद, पूर्व विधायक, अधिवक्ताओं और सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया, कई घंटे तक चले विरोध के बाद इंस्पेक्टर ने खेद जताया

एमएम खान

मोहनलालगंज (लखनऊ), 2 जून 2026:

मोहनलालगंज कोतवाली में उस वक्त माहौल गरमा गया जब जिला पंचायत सदस्य और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण यादव को पुलिस कोतवाली ले आई। आरोप है कि उन्हें हवालात में भी बंद कर दिया गया। खबर से जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं और सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। देखते ही देखते कोतवाली परिसर धरना और प्रदर्शन का केंद्र बन गया।

कनकहा चौकी प्रभारी निमेश दुबे किसी मामले में अरुण यादव को उनके घर से कोतवाली लेकर आए। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और बाद में उन्हें हवालात में डाल दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक अमरीश कुमार कोतवाली पहुंचे और प्रभारी निरीक्षक बृजेश त्रिपाठी से पूरे मामले की जानकारी मांगी। पूर्व विधायक पक्ष का आरोप है कि बातचीत के दौरान प्रभारी निरीक्षक ने अरुण यादव को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। आरोप यह भी है कि अमरीश कुमार से भी अभद्र लहजे में बात की गई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

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मामले की जानकारी मिलते ही मोहनलालगंज बार एसोसिएशन के महामंत्री रामलखन यादव, पूर्व अध्यक्ष श्रवण यादव समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता कोतवाली पहुंच गए। समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी वहां जुटने लगे। अधिवक्ताओं ने पुलिस अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग उठाई। विवाद बढ़ने पर लखनऊ बार एसोसिएशन के महामंत्री जीतू यादव भी अपने साथियों के साथ मोहनलालगंज पहुंचे और धरने में शामिल हो गए। कुछ ही देर में कोतवाली परिसर में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, सपा कार्यकर्ता और समर्थक एकत्र हो गए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।

सोमवार की शाम कई घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रभारी निरीक्षक बृजेश त्रिपाठी ने खेद व्यक्त किया। इसके बाद धरना समाप्त करने की घोषणा की गई और स्थिति सामान्य हुई। धरने के दौरान तनावपूर्ण हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में जनप्रतिनिधियों और अधिवक्ताओं के साथ इस तरह का व्यवहार होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। एसीपी मोहनलालगंज ज्ञानेंद्र सिंह ने मामले की जानकारी होने की पुष्टि की, हालांकि उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया। पुलिस ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

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