देहरादून, 4 जून 2026:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में विभिन्न विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों, धार्मिक आयोजनों की तैयारियों और किसानों की आर्थिक मजबूती से जुड़ी परियोजनाओं के लिए कुल 213 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से जुड़े वर्ष 2021 तक के लंबित आवेदनों के निस्तारण की समयसीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने नंदा देवी राजजात यात्रा 2026 की तैयारियों के तहत चमोली जिले में नलगांव-भटियाणा मोटर मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए 8.68 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। वहीं कुंभ मेला-2027 की व्यवस्थाओं के लिए पुलिस प्रशासन को प्रस्तावित 35 करोड़ रुपये की धनराशि के अनुमोदन को भी मंजूरी दी गई है।
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क और आधारभूत ढांचा विकास के लिए कई परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। इनमें रुद्रपुर के बिन्दुखेड़ा रायपुर मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण, देहरादून में रिस्पना पुल से धर्मपुर चौक तक तीन लेन एलिवेटेड कॉरिडोर, जागेश्वर क्षेत्र में शहीद लांस नायक दिनेश सिंह मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण तथा रुद्रप्रयाग के ताला बरंगाली मोटर मार्ग के सुधारीकरण जैसी योजनाएं शामिल हैं।
धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है। अल्मोड़ा के कुलान्टेश्वर महादेव मेला स्थल के सौंदर्यीकरण, चंपावत में महिला प्रौद्योगिकी पार्क की स्थापना तथा धारचूला क्षेत्र में मंदिर सौंदर्यीकरण और चारदीवारी निर्माण के लिए बजट मंजूर किया गया है।
पेयजल योजनाओं के तहत रुद्रप्रयाग की अगस्त्यमुनि नगर पंचायत की छेनागाड़ पेयजल योजना के लिए 55.22 करोड़ रुपये तथा देहरादून के गंगोत्री विहार क्षेत्र में नलकूप खनन और संबंधित कार्यों के लिए 2.22 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा बागेश्वर, द्वाराहाट, हरिद्वार और सितारगंज क्षेत्रों में सड़क, घाट, मंदिर जीर्णोद्धार, श्मशान घाट बाउंड्रीवाल और ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण कार्यों के लिए भी धनराशि मंजूर की गई है। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए फसल ऋण, वाणिज्यिक फसलों और सहकारी क्षेत्र की मिलों को ऋण मद में प्रावधानित 130 करोड़ रुपये के सापेक्ष 81.47 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर विकासखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय धौलरा का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय विद्याधर वैष्णव के नाम पर रखे जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
राज्य आंदोलनकारियों के लंबित आवेदनों के निस्तारण की अवधि बढ़ी
राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2021 तक लंबित आवेदनों के निस्तारण की समयसीमा बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के बाद सचिव शैलेश बगोली द्वारा इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।
नए आदेश के अनुसार आवेदन पत्रों के निस्तारण की अवधि 24 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 24 सितंबर 2026 तक कर दी गई है। शासनादेश की प्रति सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को भेज दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड आंदोलन से जुड़े वास्तविक आंदोलनकारियों के सम्मान और पहचान के प्रति प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समावेशी बनाया जा रहा है ताकि पात्र लोगों को पर्याप्त अवसर मिल सके।






