
हरिद्वार, 31 जुलाई 2026:
संत रविदास की 650वीं जयंती के मौके पर भगवानपुर के चुड़ियाला में आयोजित कलश बंधन महारैली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद सिर पर कलश रखकर यात्रा में शामिल हुए। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने कलश यात्रा का शुभारंभ किया। इसके बाद कलश को सिर पर रखकर कार्यक्रम स्थल सीएमडी इंटर कॉलेज तक पहुंचे।

समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कलश को शुभ शुरुआत, मंगल व समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। कलश बंधन अभियान का मकसद संत रविदास के समरसता, समानता व मानवता के संदेश को लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस संदेश को समाज के हर वर्ग तक ले जाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है।
जन्म नहीं, श्रेष्ठ कर्म से बनती है पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने सामाजिक भेदभाव के दौर में प्रेम, समानता व मानवता का रास्ता दिखाया। उनका संदेश था कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म व मानव सेवा से होती है। उन्होंने कहा कि समाज से भेदभाव खत्म किए बिना मजबूत व समरस राष्ट्र की कल्पना पूरी नहीं हो सकती।
सरकारी योजनाओं का जिक्र
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र व राज्य की डबल इंजन सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास व सबका प्रयास के मंत्र पर काम कर रही है। उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत व प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए गरीब, दलित, वंचित व जरूरतमंद परिवारों तक सुविधाएं पहुंची हैं। उन्होंने इन योजनाओं को संत रविदास के समरस समाज के सपने से जोड़कर बताया।
भगवानपुर में करोड़ों के विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने भगवानपुर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बहादुरपुर व सोनाली क्षेत्र में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ सुरक्षा के काम हुए हैं। करीब 3 करोड़ रुपये से झील का सौंदर्यीकरण कराया गया है। 49 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्कूल का निर्माण कराया गया है।
Health Unit से तहसील भवन तक काम
मुख्यमंत्री के मुताबिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट स्थापित की गई है। करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से नए तहसील भवन का निर्माण कराया गया है। क्षेत्र में सड़कों, संपर्क मार्गों, सीसी रोड व हाईमास्ट लाइट से जुड़े कई प्रोजेक्ट भी पूरे किए गए हैं।
भेदभाव मुक्त समाज का लिया संकल्प
धामी ने लोगों से संत रविदास के समरसता, समानता व मानवता के संदेश को जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने सामाजिक सद्भाव व जनभागीदारी के जरिए भेदभाव मुक्त समाज बनाने का संकल्प लेने को कहा।
प्रदेश के जिलों तक पहुंचेगा अभियान
कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि महापुरुषों के विचार व संदेश को लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि संत रविदास की जन्मस्थली काशी के गोवर्धनपुर की पवित्र मिट्टी को देश के अलग-अलग हिस्सों में कलश यात्राओं के जरिए पहुंचाया जा रहा है। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में समरसता संकल्प यात्रा शुरू की जा रही है, जिसका मकसद संत रविदास के समानता, मानवता व सामाजिक सद्भाव के संदेश को हर वर्ग तक पहुंचाना है।

भाजपा जिलाध्यक्षों को सौंपे कलश
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में कलश बंधन यात्रा संचालित करने के लिए भाजपा के सभी जिलाध्यक्षों को कलश सौंपे। अभियान के जरिए संत रविदास के संदेश को अलग-अलग जिलों तक पहुंचाने की तैयारी है।
संतों ने भी रखी अपनी बात
स्वामी निर्मलदास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कामकाज की सराहना की। उन्होंने कहा कि इंसान को हमेशा परमेश्वर के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। उनके मुताबिक सही रास्ते से भटकने वाले व्यक्ति को अपने कर्मों का फल भुगतना पड़ता है।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में साध्वी संतोष रानी, संत सतपाल दास, संत 108 रोशनी दास, महंत बंटी दास, संत पिरुमल दास, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, मुख्यमंत्री के सचिव विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, समेत प्रदेश के सभी जिलों के भाजपा जिलाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।






