
लखनऊ, 31 जुलाई 2026:
लखनऊ विश्वविद्यालय के 69वें दीक्षांत समारोह में शुक्रवार को 1 लाख 25 हजार 239 विद्यार्थियों को Digital माध्यम से डिग्री प्रदान की गई। अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में हुए समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने हिस्सा लिया।
111 मेधावियों को 204 Gold Medal, गोद लिए गांवों में Ayushman योजना का अभियान
समारोह में सर्वोच्च अंक हासिल करने वाले 111 मेधावियों को 204 Gold Medal प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय के E-Office का उद्घाटन भी हुआ। इस मौके पर विश्वविद्यालय की अलग-अलग पुस्तकों का विमोचन किया गया। समारोह में आंगनबाड़ी और प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को खेलकूद का सामान और पढ़ाई की सामग्री भी दी गई। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की ओर से गोद लिए गए पांच गांवों में Ayushman योजना को लेकर अभियान चलाने को कहा। मानसून के दौरान होने वाली बीमारियों को देखते हुए साफ-सफाई पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने जेलों में जाकर गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों का सर्वे करने के निर्देश भी दिए। इसमें सामूहिक हत्या, दहेज हत्या, महिलाओं की पिटाई और दुष्कर्म जैसे मामलों में जेल में बंद लोगों से जुड़ी जानकारी जुटाने की बात कही गई। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में E-Office शुरू होने, खेल गतिविधियों और पुस्तकों के लेखन जैसे कामों की तारीफ भी की।
राज्यपाल ने बताईं विश्वविद्यालय की कमियां
समारोह के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने हॉस्टल आवंटन में देरी, मेस शुरू नहीं होने, Wi-Fi और Washing Machine की सुविधा की स्थिति पर सवाल उठाए। राज्यपाल ने इन व्यवस्थाओं को जल्द सुधारने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालय में कुल 18 हॉस्टल हैं, जिनमें नौ छात्र और नौ छात्राओं के लिए हैं। इनमें 3100 से ज्यादा विद्यार्थी रहते हैं। राज्यपाल ने कहा कि नया सत्र शुरू होने के बाद हॉस्टल आवंटन में देरी से छात्रों को होटल या दूसरी जगहों पर रहने की जरूरत पड़ रही है।
पांच हॉस्टल में Washing Machine नहीं
राज्यपाल ने बताया कि पांच हॉस्टल में Washing Machine की सुविधा नहीं है। 12 हॉस्टल में Wi-Fi की सुविधा नहीं है या नेटवर्क ठीक से काम नहीं कर रहा। मेस शुरू नहीं होने के कारण गोल्डन जुबली और बीरबल साहनी हॉस्टल में कुछ छात्र खुद खाना बना रहे हैं। दूध और पनीर जैसे प्रोडक्ट की खरीद को लेकर भी उन्होंने बेहतर ब्रांड के इस्तेमाल की बात कही। उन्होंने कैंपस में कंप्यूटर साइंस विभाग, वनस्पति विज्ञान विभाग और टैगोर लाइब्रेरी के आसपास साफ-सफाई सुधारने को कहा।

Fire Safety उपकरणों की एक्सपायरी पर सवाल
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में पड़े स्क्रैप को जल्द नीलाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने Fire Safety उपकरणों की स्थिति पर भी सवाल उठाया। उनके मुताबिक कई उपकरण पुराने हैं और कुछ की एक्सपायरी डेट भी निकल चुकी है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर जरूरी बदलाव करने को कहा। कैंपस में पीने के साफ पानी के लिए लगाए गए RO सिस्टम की व्यवस्था को भी उन्होंने संतोषजनक नहीं माना। इसके साथ ही वर्षा जल संचयन की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. जेपी सैनी, कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा, वित्त अधिकारी हिमानी चौधरी, विभागाध्यक्ष, कार्यपरिषद और विद्वत परिषद के सदस्य मौजूद रहे।






