लखनऊ, 24 मई 2026ः
राजधानी लखनऊ में बिजली संकट को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। लोगों का गुस्सा उपकेंद्रों और अधिकारियों पर फूट रहा है। कहीं लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं तो कहीं अधिकारियों की गाड़ी पंक्चर कर रहे हैं। शनिवार को फैजुल्लागंज स्थित श्याम विहार कॉलोनी की महिलाएं भी चूल्हा-चौका छोड़कर बिजली कटौती के खिलाफ सड़क पर उतर आईं।
फैजुल्लागंज स्थित श्याम विहार कॉलोनी के लोगों ने शनिवार को सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। इसमें महिलाओं ने भी उनका साथ दिया। इन लोगों का आरोप है कि इलाके में लगातार कटौती हो रही है। इससे दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है। यही नहीं बिजली न होने से पानी की भी आपूर्ति नहीं होती है, जिससे सारे काम रुक जाते हैं। लोगों का कहना है कि इस भीषण गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को हो रही है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों को कई बार फोन किया गया, लेकिन उनका फोन उठता ही नहीं है। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे खामियाजा हम लोगों को उठाना पड़ता है।
बिजली संकट को लेकर हो रहे हंगामे के बाद बख्शी का तालाब में उपकेंद्रों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। डीएम विशाख जी ने बिजली व्यवस्था को लेकर समीक्षा की थी। उन्होंने कहा था कि कुछ अराजक तत्व उपकेंद्रों पर रात में धावा बोलने के साथ घेराव कर बंद बिजली की आपूर्ति को चालू करने में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने कहा था कि उपकेंद्रों पर उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्थिति को देखते हुए शहर के 31 संवेदनशील बिजली उपकेंद्रों पर पीएसी के जवान तैनात करने के आदेश दिए थे। इसके बाद सभी उपकेंद्रों पर फोर्स तैनात कर दी गई।
लखनऊ में बीते कई दिनों में बिजली संकट को लेकर राजाजीपुरम, फैजुल्लागंज, जानकीपुरम, इंदिरा नगर, आलमनगर, चौक, रायबरेली रोड, मोहान रोड आदि जगहों पर लोगों का गुस्सा फूटा था। लोगों ने सड़क पर उतर कर हंगामा किया। उपकेंद्रों को घेरकर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इतना ही नहीं सड़क भी जाम की। इसके अलावा उनकी उपकेंद्रों पर तैनात कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई और ईंट-पत्थर चले।






