Lucknow City

कानून का बुलडोजर लाचार क्यों हुआ? अखिलेश की बेटी पर टिप्पणी से भड़के सपाई, पोस्टर लगाकर पूछा

'राजनीति में मतभेद स्वीकार है, बेटियों का अपमान नहीं' के संदेश के साथ सरकार पर साधा निशाना, कार्रवाई न होने पर सपा नेताओं में नाराजगी

लखनऊ, 11 जून 2026:

समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी बीच राजधानी लखनऊ में पोस्टर वार शुरू हो गया है। इसने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है।

लखनऊ में विक्रमादित्य मार्ग स्थित सपा कार्यालय के बाहर गुरुवार को लगाए गए एक बड़े पोस्टर ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। पोस्टर में अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ लिखा गया है… राजनीति में मतभेद स्वीकार है, बेटियों का अपमान नहीं। इसके अलावा पोस्टर में बेटियों का सम्मान, देश की पहचान का संदेश देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।

पोस्टर में यह भी पूछा गया है कि जब एक बेटी की इज्जत पर हमला हुआ तो कानून का बुलडोजर कार्रवाई करने में लाचार क्यों दिखाई दिया। इस संदेश के जरिए महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हालिया घटनाक्रमों के बीच विपक्ष महिला सम्मान के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

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पोस्टर लगाने वाले सपा नेता मो. इखलाक ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर नारी शक्ति और महिला सम्मान की बातें की जाती हैं जबकि दूसरी ओर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी के चरित्र पर सवाल उठाना या उसके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ है।

मो. इखलाक ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन बहू-बेटियों का सम्मान उससे कहीं ऊपर है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सपा नेता ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाए जाने चाहिए जिससे समाज में स्पष्ट संदेश जाए और भविष्य में कोई भी महिला सम्मान को ठेस पहुंचाने का दुस्साहस न कर सके।

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