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ओमान हमले में मौत : देवरिया में दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया, परिवार सदमे में

सात माह पहले गए थे विदेश, अमेरिकी हमले के बाद तीन दिन तक लापता रहे शिवानंद चौरसिया, गुरुवार को मिला शव; गांव में पसरा मातम, पत्नी से 9 जून को हुई थी आखिरी बातचीत, मर्चेंट शिप पर बतौर नाविक कर रहे थे काम

देवरिया, 11 जून 2026:

ओमान के समुद्री क्षेत्र में हुए हमले में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के एक नाविक की मौत हो गई। मृतक की पहचान सुरौली थाना क्षेत्र के सुरौली गांव निवासी 38 वर्षीय शिवानंद चौरसिया के रूप में हुई है। गुरुवार को मौत की पुष्टि होने के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी मौत से दो मासूमों के सिर से पिता का साया उठ गया।

शिवानंद चौरसिया ओमान में एक मर्चेंट शिप पर इंजन फीटर और नाविक के रूप में कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार वह करीब सात माह पहले रोजगार के लिए विदेश गए थे और सिंगापुर की एक शिपिंग कंपनी से जुड़े हुए थे। उनके छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया, जो दुबई में नौकरी करते हैं, ने परिवार को घटना की जानकारी दी।

परिजनों के मुताबिक 10 जून को ओमान तट के पास जहाज पर हुए हमले के बाद चालक दल के 24 सदस्यों में से तीन लोग लापता हो गए थे। इनमें शिवानंद भी शामिल थे। तीन दिन तक चले खोज अभियान के बाद गुरुवार को शिवानंद समेत अन्य लापता सदस्यों के शव बरामद किए गए। इसके बाद संबंधित कंपनी और प्रशासन की ओर से परिवार को सूचना दी गई।

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परिवार ने बताया कि शिवानंद नियमित रूप से घर पर फोन कर परिवार का हालचाल लेते थे। उनसे आखिरी बार 8 और 9 जून के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने पत्नी, पिता और अन्य परिजनों से करीब 20 मिनट तक बात की थी। उस दौरान उन्होंने बताया था कि उनका जहाज ओमान तट के पास खड़ा है और वह जल्द ही भारत लौटने वाले हैं। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और परिवार का संपर्क टूट गया।

शिवानंद अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पिता रामजी चौरसिया, मां कलावती देवी, पत्नी सुशीला, पांच वर्षीय बेटा राजवीर और दो वर्षीय बेटी वामिका हैं। मौत की खबर मिलते ही पत्नी सुशीला बदहवास हो गईं, जबकि वृद्ध माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों छोटे बच्चों को अभी यह भी नहीं मालूम कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे।

घटना की जानकारी मिलते ही सुरौली गांव में मातम पसर गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार शोक संवेदना व्यक्त करने परिवार के घर पहुंचे। सुरौली थाना पुलिस ने भी गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियों के माध्यम से पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है।

ग्रामीणों और परिजनों ने सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि शिवानंद की असमय मौत से परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गया है। परिवार की मांग है कि जल्द से जल्द पार्थिव शरीर गांव लाया जाए ताकि पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जा सके।

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