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लखनऊ से नैमिषारण्य-दुधवा तक नया टूरिज्म कॉरिडोर, 155 करोड़ की 64 परियोजनाओं का बड़ा प्लान

परंपरा वन स्टॉप सेंटर से एक ही जगह मिलेगी धार्मिक, सांस्कृतिक और ईको टूरिज्म की पूरी जानकारी, नैमिषारण्य में दो नए धार्मिक कॉरिडोर और दुधवा के पास ईको रिट्रीट की भी तैयारी

लखनऊ, 4 अगस्त 2026:

यूपी के लखनऊ मंडल को धार्मिक, सांस्कृतिक और ईको टूरिज्म का सबसे मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने लखनऊ मंडल की पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत लगभग 155 करोड़ रुपये की लागत वाली 64 पर्यटन परियोजनाओं पर मंथन हुआ। इनका उद्देश्य राजधानी लखनऊ को ऐसा पर्यटन प्रवेश द्वार बनाना है जहां से पर्यटक नैमिषारण्य, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और मंडल के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों तक सहजता से पहुंच सकें।

बैठक में लखनऊ की 22, सीतापुर की 15, हरदोई की 10, लखीमपुर खीरी की 7 तथा उन्नाव और रायबरेली की 5-5 पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि लखनऊ प्रदेश की राजधानी के साथ धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का प्रमुख प्रवेश द्वार भी है। इसलिए यहां विकसित होने वाली परियोजनाएं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ उन्हें मंडल के अन्य पर्यटन स्थलों तक आकर्षित करने वाली भी होनी चाहिए।

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले ‘परंपरा वन स्टॉप सेंटर फॉर टूरिज्म एंड कल्चर’ को लेकर रहा। यह केंद्र लखनऊ मंडल की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत को एक ही मंच पर प्रस्तुत करेगा। यहां आने वाले पर्यटकों को नैमिषारण्य, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान सहित मंडल के प्रमुख पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी, यात्रा मार्गदर्शन और पर्यटन सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

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लखनऊ में बुद्धेश्वर महादेव मंदिर, नाका हिंडोला गुरुद्वारा, हनुमंत धाम, राम जानकी मंदिर और भुइयां देवी मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास तथा पर्यटक सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। वहीं सीतापुर के नैमिषारण्य में ललिता देवी मंदिर, चक्रतीर्थ और राजघाट को जोड़ने वाले दो नए धार्मिक कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा सोनासरी देवी मंदिर, मां संकटा देवी धाम और झारखंडेश्वर महादेव मंदिर के विकास पर भी चर्चा हुई।

ईको टूरिज्म को नई पहचान देने के लिए लखीमपुर खीरी में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के निकट ईको रिट्रीट विकसित करने की योजना प्रस्तुत की गई। वहीं उन्नाव स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार के भीतर राही पर्यटन आवास गृह के पुनर्विकास का प्रस्ताव रखा गया, जिससे बर्ड वॉचिंग और नेचर टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हरदोई में महर्षि दधीचि मंदिर और सरस हाट के विकास तथा रायबरेली में महाराजा महे पासी किला, चंपा देवी मंदिर सहित कई धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से विकसित करने की योजनाओं की समीक्षा की गई।

बैठक में संस्कृति विभाग की निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा हुई। रायबरेली के डलमऊ स्थित प्राचीन रामलीला स्थल के विकास, विस्तार, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। हरदोई के सवायजपुर, बावन और भरखनी, लखनऊ के ऐशबाग और मोहनलालगंज तथा उन्नाव के वृंदावन पार्क स्थित रामलीला स्थलों के विकास कार्यों की प्रगति भी परखी गई।
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इसके अलावा रायबरेली के सलोन में अवध केसरी राणा बेनी माधव बक्श सिंह की स्मृति में सभागार एवं पुस्तकालय तथा उन्नाव के बदरका स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली पर बहुउद्देशीय हॉल के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश संस्कृति संग्रहालय, भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र, संगीत नाटक अकादमी, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, बिरजू महाराज कथक संस्थान, राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह और राज्य संग्रहालय से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, लोक कला संग्रहालय, अवध वीथिका, आधुनिक पुस्तकालय, कैफेटेरिया, ऑडिटोरियम, आधुनिक स्टोरेज सिस्टम और अग्निशमन व्यवस्था के उन्नयन से जुड़ी परियोजनाओं को भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

धर्मार्थ कार्य विभाग की पांच परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सीतापुर के दधीचि कुंड, लखीमपुर खीरी के लीलानाथ शिव मंदिर, उन्नाव के चंद्रेश्वर महादेव मंदिर तथा रायबरेली के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास एवं अनुरक्षण से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया गया। इसके साथ ही वर्ष 2024 से 2026 के बीच स्वीकृत पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ विभाग की परियोजनाओं की प्रगति का भी आकलन किया गया।

पर्यटन महानिदेशक डॉ. वेदपति मिश्रा ने कहा कि लखनऊ मंडल की परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक, सांस्कृतिक और ईको टूरिज्म को एक समग्र पर्यटन अनुभव के रूप में विकसित करना है। मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण, निर्माण कार्यों की सतत निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अंतिम कार्ययोजना में शामिल करने से पहले प्रत्येक परियोजना का भूमि उपलब्धता, संपर्क मार्ग, पर्यटक आवागमन, संचालन व्यवस्था और दीर्घकालिक अनुरक्षण के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि धार्मिक पर्यटन, ईको टूरिज्म, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक सुविधाओं के बेहतर समन्वय से लखनऊ मंडल आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश का सबसे सशक्त पर्यटन मॉडल बनकर उभरेगा।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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