
लखनऊ/नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026:
यूपी की सियासत में भाजपा के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में शुमार पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा को केंद्र सरकार ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त कर बड़ा सियासी दांव चला है। राष्ट्रपति भवन की ओर से शनिवार देर रात इसकी जानकारी दी गई। अधिसूचना के मुताबिक डॉ. शर्मा पदभार ग्रहण करने की तारीख से केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल की जिम्मेदारी संभालेंगे।
डॉ. शर्मा की नियुक्ति को सिर्फ प्रशासनिक बदलाव के तौर पर नहीं देखा जा रहा। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले भाजपा के इस फैसले के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरे को संवैधानिक पद की जिम्मेदारी देकर भाजपा ने एक तरफ उनके राजनीतिक कद को नई ऊंचाई दी है तो दूसरी तरफ ब्राह्मण समाज को सकारात्मक राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी मानी जा रही है।
विपक्षी दलों की ब्राह्मणों को साधने की कोशिशें भाजपा के लिए बनी चुनौती
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यूपी में भाजपा के सामने सपा और बसपा समेत विपक्षी दलों की ब्राह्मणों को साधने की कोशिशें चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में डॉ. दिनेश शर्मा को अहम संवैधानिक जिम्मेदारी मिलना भाजपा की व्यापक सामाजिक-सियासी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हाल ही में भाजपा ने ब्राह्मण चेहरे हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी थी। इन फैसलों को जोड़कर देखें तो 2027 के पहले पार्टी अपने सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने के संकेत दे रही है।

राज्यसभा की पारी खत्म होने से पहले नई जिम्मेदारी
62 वर्षीय डॉ. शर्मा वर्तमान में राज्यसभा के उपसभापति पैनल के सदस्य हैं। उनका राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होना था। अब नई जिम्मेदारी के साथ वह अंडमान-निकोबार प्रशासन के प्रमुख होंगे। डॉ. शर्मा का राजनीतिक सफर भी लंबा रहा है। वह 19 मार्च 2017 से 25 मार्च 2022 तक योगी आदित्यनाथ सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे। माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली। 2022 में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के बाद भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेजा।
इससे पहले वह लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे और 2006 से 2017 के बीच दो बार लखनऊ के महापौर रहे। वह दो बार विधान परिषद सदस्य, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं। सितंबर 2023 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे।

अब ‘ग्रेट निकोबार’ की चुनौती
डॉ. शर्मा की नई जिम्मेदारी ऐसे समय आई है जब अंडमान-निकोबार में ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना को लेकर केंद्र की बड़ी योजनाएं आगे बढ़ रही हैं। नीति आयोग की परिकल्पना वाली इस मेगा परियोजना में हजारों करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। रणनीतिक रूप से बेहद अहम इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के विस्तार के बीच उपराज्यपाल की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
डॉ. दिनेश शर्मा के सामने अब सिर्फ संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं अपितु देश की रणनीतिक प्राथमिकताओं वाले क्षेत्र की कमान भी होगी। यूपी की राजनीति से निकलकर अंडमान की सत्ता के केंद्र तक पहुंची उनकी यह नई पारी भाजपा के लिए भी कई सियासी संदेश छोड़ रही है।






