शाहबानो से महिला आरक्षण तक : योगी का सपा व कांग्रेस पर वार… मौलवियों के दबाव में न्याय कुचला
यूपी विधानमंडल के विशेष सत्र में जमकर आरोप-प्रत्यारोप, शाहबानो से गेस्ट हाउस कांड तक उठे मुद्दे, विपक्ष ने सरकार पर लगाए आरोप
लखनऊ, 30 अप्रैल 2026:
महिला आरक्षण के मुद्दे पर यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र गुरुवार को तीखे राजनीतिक टकराव का मंच बन गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। दोनों दलों पर महिलाओं के मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
सीएम योगी ने कांग्रेस के इतिहास को निशाने पर लेते हुए शाहबानो प्रकरण का जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस ने मौलवियों के दबाव में आकर एक मुस्लिम महिला के न्याय से समझौता किया, जो उसके पतन का कारण बना। उन्होंने सपा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह महिला आरक्षण के समर्थन में है तो उसे संसद में बिल के विरोध की निंदा करनी चाहिए।

सपा पर हमला जारी रखते हुए योगी ने कहा कि आपकी राजनीति माफियाओं के सामने नतमस्तक रही है। उन्होंने विधायक पूजा पाल के पति राजू पाल की हत्या का उदाहरण देते हुए सपा पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही 1995 के गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की भूमिका को याद किया जिनके कारण मायावती सुरक्षित बच सकीं।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर करोड़ों महिलाओं के जीवन में बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि देश में 12 करोड़ और प्रदेश में 2 करोड़ शौचालय बनाए गए, जो नारी गरिमा के प्रतीक हैं। योगी ने यह भी दावा किया कि जनधन योजना के तहत करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खोले गए जिनमें कोविड काल में सीधी सहायता पहुंचाई गई।
उन्होंने सपा-कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जब महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है, तब ये दल 33 फीसदी आरक्षण की बात कर रहे हैं, वरना पहले विरोध करते थे। वहीं, विपक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि महिला आरक्षण कानून 2023 में ही पारित हो चुका है लेकिन सरकार उसे लागू करने में देरी कर रही है। सत्र के दौरान भाजपा और सपा विधायकों के बीच जमकर नारेबाजी हुई, जिससे सदन का माहौल और अधिक गर्मा गया।






