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Late Fee से बचना मुश्किल, फिर भी खत्म नहीं हुआ मौका, 31 जुलाई के बाद ऐसे भरें ITR

रिटर्न भरने का मौका पूरी तरह खत्म नहीं होता, Belated Return, Revised Return, Updated Return के अलग-अलग नियम, देरी करने पर Late Fee, ब्याज, Refund में देरी जैसी मुश्किलें आ सकती हैं

न्यूज डेस्क, 4 अगस्त 2026:

अगर आप 31 जुलाई तक अपना Income Tax Return (ITR) दाखिल नहीं कर पाए हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। तय तारीख निकल जाने के बाद भी कई टैक्सपेयर्स के पास रिटर्न भरने का मौका रहता है। हालांकि इसके साथ कुछ शर्तें जुड़ी होती हैं। देरी से रिटर्न दाखिल करने पर लेट फीस, ब्याज, रिफंड मिलने में देरी जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ मामलों में टैक्स से जुड़े अहम फायदे भी हाथ से निकल सकते हैं।

डेडलाइन छूटने के बाद भी क्या हैं विकल्प

टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 31 जुलाई की डेडलाइन निकलने का मतलब यह नहीं है कि अब ITR दाखिल नहीं किया जा सकता। इनकम टैक्स कानून में ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए Belated Return, Revised Return और Updated Return (ITR-U) जैसे विकल्प दिए गए हैं। कौन सा विकल्प आपके लिए सही रहेगा, यह आपकी स्थिति पर निर्भर करेगा।

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Belated Return कब तक भर सकते हैं

जो टैक्सपेयर्स तय समय तक ITR दाखिल नहीं कर पाए, वे Belated Return दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए लेट फाइलिंग फीस, ब्याज या दूसरी लागू देनदारियां चुकानी पड़ सकती हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि देरी के बाद भी जितनी जल्दी हो सके रिटर्न भर देना चाहिए। ऐसा करने से अतिरिक्त खर्च कम हो सकता है और रिफंड मिलने में भी ज्यादा देरी नहीं होती।

गलती हो जाए तो Revised Return का रास्ता खुला

अगर आपने Belated Return दाखिल कर दिया है लेकिन बाद में उसमें कोई गलती नजर आती है, तो तय समय के भीतर उसे Revised Return के जरिए सुधारा जा सकता है। इससे टैक्सपेयर्स को अपनी जानकारी सही करने का मौका मिलता है।

Updated Return भी एक विकल्प

कुछ खास परिस्थितियों में Updated Return (ITR-U) भी दाखिल किया जा सकता है। यह उन लोगों के लिए है जिन्हें बाद में अपनी टैक्स जानकारी अपडेट करनी हो। हालांकि इसके लिए भी कानून में तय समय सीमा और शर्तों का पालन करना जरूरी होता है।

देरी से रिटर्न भरने के नुकसान

समय पर ITR दाखिल नहीं करने पर सिर्फ लेट फीस ही नहीं लगती, बल्कि बकाया टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ सकता है। इसके अलावा रिफंड मिलने में देरी हो सकती है। कई मामलों में योग्य नुकसान (Loss) को अगले वर्षों में कैरी फॉरवर्ड करने जैसी
टैक्स राहत भी नहीं मिल पाती।

जानिए किस रिटर्न की क्या समय सीमा

– Belated Return: संबंधित टैक्स ईयर खत्म होने के 9 महीने के भीतर या असेसमेंट पूरा होने से पहले, जो पहले हो।
– Revised Return: संबंधित टैक्स ईयर खत्म होने के 12 महीने के भीतर या असेसमेंट पूरा होने से पहले, जो पहले हो।
– Updated Return (ITR-U): संबंधित टैक्स ईयर के बाद आने वाले वित्तीय वर्ष के अंत से 48 महीने के भीतर दाखिल किया जा सकता है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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