
लखनऊ, 4 अगस्त 2026:
यूपी विधानमंडल के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विधानसभा में सदन की कार्यवाही तीखी नारेबाजी और भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) ने राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर चर्चा की मांग उठाई और विधायक वेल में पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सदन में ‘चंदा चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में’ के नारे गूंजे, जिसके जवाब में भाजपा विधायकों ने ‘टोटी चोर कहां मिलेंगे, सपा के दफ्तर में’ के नारे लगाकर पलटवार किया।
हाथों में तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे विपक्षी दलों के विधायक
इससे पहले सपा समेत विपक्षी दलों के विधायक हाथों में तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे। इन तख्तियों पर शिक्षक भर्ती में आरक्षण, नीट पेपर लीक और अन्य जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार विरोधी नारे लिखे थे। विपक्ष ने इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।
हंगामे पर सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भी सपा विधायकों का हंगामा जारी रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के मुद्दों पर चर्चा के लिए सभी सदस्यों को पर्याप्त अवसर दिया गया था लेकिन विपक्ष का न तो चर्चा में विश्वास है और न ही संवैधानिक मूल्यों में। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल सदन की व्यवस्था बाधित करने का प्रयास कर रहा है।

हंगामे के बीच पेश हुआ अनुपूरक बजट
हंगामे के बीच ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा अपने विभाग से जुड़े विषय सदन के पटल पर रखते रहे, जबकि दूसरी ओर विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे। इसी बीच वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शून्यकाल के दौरान वित्त वर्ष 2026-27 का ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। उन्होंने बताया कि इसमें ₹17,399.50 करोड़ का राजस्व व्यय और ₹41,620.04 करोड़ का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है।
सीएम की फोटो पर नारे लिखकर प्रदर्शन देख नाराज हुए विधानसभा अध्यक्ष
हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना उस समय नाराज हो गए, जब सपा विधायक सचिन मुख्यमंत्री की तस्वीर पर नारे लिखकर प्रदर्शन करने लगे। अध्यक्ष ने उन्हें तत्काल सदन से बाहर जाने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि मामले को एथिक्स कमेटी के पास भेजकर उनकी सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा भी की जा सकती है।

कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित
लगातार जारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बीच में कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में अध्यक्ष ने कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। विपक्ष के विरोध और सत्ता पक्ष के पलटवार के बीच विधानसभा का दूसरा दिन पूरी तरह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तीखी नारेबाजी के नाम रहा।






