
लखनऊ, 9 अगस्त 2026:
यूपी में नशे के खिलाफ अब विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से बड़ा अभियान शुरू होगा। सरकार ने ‘नशामुक्त भारत’ के आह्वान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में व्यापक और सतत नशामुक्ति अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत हर कार्यदिवस की शुरुआत से पहले विद्यार्थियों को दो मिनट की नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी।
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की अध्यक्षता में प्रदेश के राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों एवं परीक्षा नियंत्रकों के साथ हुई बैठक में अभियान की विस्तृत कार्ययोजना तय की गई। मंत्री ने कहा कि युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से बचाकर ही प्रदेश और देश के भविष्य को मजबूत बनाया जा सकता है। उच्च शिक्षण संस्थानों को शिक्षा के केंद्र के साथ ही संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण का आधार बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
हर सप्ताह शिक्षक करेंगे नशे पर संवाद
अभियान के तहत ‘रन फॉर नशामुक्ति’, मैराथन, पथ संचलन, भाषण, निबंध, चित्रकला, नाटक और नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी। हर शिक्षक सप्ताह में एक बार अपने पीरियड के अंतिम 10 मिनट नशामुक्ति पर संवाद और प्रेरक चर्चा के लिए निर्धारित करेंगे। विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और जीवन मूल्यों से जोड़ने के लिए सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी स्थलों के शैक्षिक भ्रमण भी कराए जाएंगे। परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग, वॉल पेंटिंग तथा सोशल मीडिया के जरिए अभियान का प्रचार किया जाएगा। अधिक से अधिक विद्यार्थियों को ‘माय भारत’ पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा।
कॉलेज के 500 मीटर के दायरे में नशे पर सख्ती
नशे की रोकथाम के लिए सरकार ने निगरानी व्यवस्था भी कड़ी करने का निर्णय लिया है। सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के 500 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्ती से रोक सुनिश्चित की जाएगी। हॉस्टल, कैंटीन और परिसर में नियमित निरीक्षण होंगे। ऑनलाइन डिलीवरी और कूरियर से आने वाली सामग्रियों की प्रवेश द्वार पर ही जांच की जाएगी। नशे की प्रवृत्ति वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी काउंसलिंग की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अभिभावकों को बुलाकर संवाद भी स्थापित किया जाएगा।

पांच जोन में होगी पूरे अभियान की निगरानी
अभियान की मॉनिटरिंग के लिए प्रदेश को पांच जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। विश्वविद्यालय स्तर पर वरिष्ठ नोडल अधिकारी, महाविद्यालय स्तर पर प्राचार्य और प्रत्येक संकाय स्तर पर अलग नोडल अधिकारी अभियान की नियमित निगरानी करेंगे। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल, विधायक उमेश द्विवेदी, बाबूलाल तिवारी, मानवेन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र भारद्वाज, अरुण पाठक, हरि सिंह ढिल्लो, अवनीश कुमार सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






