
न्यूज डेस्क, 10 अगस्त 2026:
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची में चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को 17वें दिन उग्र हो गया। रांची में हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए सड़क पर उतर आए। विधानसभा के करीब पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव दिखा। भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने पानी की बोतलें और चप्पलें फेंकीं।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कंटीले तारों वाली बैरिकेडिंग भी लगाई थी लेकिन छात्रों ने कई बैरिकेड पार कर लिए। इसी दौरान एक प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गया और वहां डांस करने लगा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
नौ दिन से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि वह एंबुलेंस से मौके पर पहुंचे और स्ट्रेचर पर आगे बढ़े। महतो ने कहा कि सरकार को अभ्यर्थियों की मांगें माननी ही होंगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह कंटीले तारों की बाड़ और बैरिकेडिंग पार करके प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे हैं।
छात्रों का मुख्य विवाद JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच को लेकर है। सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी इस दावे से संतुष्ट नहीं हैं।

इससे पहले रविवार को रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत हुई। आंदोलनकारियों के अनुसार 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और उच्चस्तरीय जांच कमिटी गठित करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा JPSC की 2023 और 2025 की दोनों बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने तथा CID, ED और रिटायर्ड जज से जांच कराने पर भी सहमति की बात कही गई है।

हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र अब भी पूरे मामले की CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी मांग को लेकर सोमवार का विधानसभा घेराव आंदोलन के सबसे बड़े शक्ति प्रदर्शन में बदल गया।






