
लखनऊ/जेवर, 12 अगस्त 2026:
नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में बारिश के बाद टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र में जलभराव ने उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा दी है। हजारों करोड़ रुपये की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में पानी जमा होने की तस्वीरें सामने आने के बाद विपक्ष ने निर्माण गुणवत्ता और ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे भाजपा सरकार की तैयारियों की पोल खुलने से जोड़ते हुए तंज कसा जबकि आम आदमी पार्टी ने जलभराव को कथित भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया।

विवाद बढ़ने के बीच जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह मौके पर पहुंचे और जलभराव की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा कर कमियों को तत्काल दूर करने और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक ने स्पष्ट किया कि किसी भी तकनीकी कमी या जलभराव को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
हालांकि, निरीक्षण के दौरान विधायक ने विपक्ष पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद विपक्ष को जेवर में केवल गड्ढे और जलभराव दिखाई दे रहे हैं लेकिन इसी धरती पर खड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, विश्वस्तरीय सड़कें, औद्योगिक निवेश और हजारों युवाओं के लिए बन रहे रोजगार के अवसर नजर नहीं आते।
धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि कभी जेवर क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से दूर माना जाता था लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह क्षेत्र आज उत्तर प्रदेश के बदलते औद्योगिक और आर्थिक स्वरूप का प्रमुख केंद्र बन चुका है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने जेवर को देश-दुनिया के नक्शे पर नई पहचान दी है।

विधायक ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों के शासनकाल में एयरपोर्ट वर्षों तक चर्चा और कागजों तक सीमित रहा, वे आज इसके आसपास बारिश के पानी को लेकर राजनीति कर रहे हैं। उनके मुताबिक, कुछ समय के जलभराव को जेवर और उत्तर प्रदेश के व्यापक विकास पर पर्दा डालने का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।
उन्होंने दो टूक कहा- विपक्ष तस्वीरों में गड्ढे खोजता रहे, हम जेवर में विकास की नई इबारत लिखते रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने माना कि जहां कमी है, उसे ठीक कराया जाएगा और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।

दूसरी तरफ विपक्ष का हमला भी जारी है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने एयरपोर्ट तो बना दिया लेकिन पहली ही बारिश में पानी भरने से प्रशासन की तैयारियों की पोल खुल गई। वहीं आप ने आरोप लगाया कि उद्घाटन के कुछ ही महीनों में जलभराव निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।






