Uttarakhand

छाम की Broiler Hatchery से बदल रही तस्वीर, सस्ते चूजों ने Poultry Farming को दी नई रफ्तार

राज्य की पहली सरकारी ब्रॉयलर हैचरी से अब तक 95 हजार से ज्यादा चूजों का वितरण, बाजार से कम कीमत पर मिल रहे गुणवत्तापूर्ण चूजे, छोटे किसानों, पशुपालकों और युवाओं के लिए बढ़ रहे Self Employment के मौके

योगेंद्र मलिक

टिहरी, 13 अगस्त 2026:

उत्तराखंड में किसानों की आमदनी बढ़ाने की कोशिशों के बीच टिहरी जिले के छाम स्थित राजकीय ब्रॉयलर हैचरी ने Poultry Farming को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री कृषि विकास योजना के तहत बनाई गई यह हैचरी अब राज्यभर के किसानों और कुक्कुट पालकों को अच्छी नस्ल के ब्रॉयलर चूजे उपलब्ध करा रही है। कम कीमत पर बेहतर गुणवत्ता मिलने से किसानों की लागत घट रही है, जबकि ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते भी खुल रहे हैं।

हर सप्ताह तैयार हो रहे हजारों चूजे

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जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने बताया कि हैचरी में हर सप्ताह करीब 3,500 से 4,000 ब्रॉयलर चूजों का उत्पादन हो रहा है। स्थापना के बाद से अब तक लगभग 95 हजार चूजों का वितरण टिहरी, देहरादून, पौड़ी, उत्तरकाशी समेत कई जिलों के किसानों और कुक्कुट पालकों को किया जा चुका है। किसानों को ये चूजे बाजार कीमत से दो रुपये प्रति चूजा कम दर पर दिए जा रहे हैं, जिससे उनकी शुरुआती लागत कम हो रही है।

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302 लाख रुपये की लागत से तैयार हुई हैचरी

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके शर्मा ने बताया कि इस परियोजना पर कुल 301.97 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें 238.71 लाख रुपये निर्माण कार्य पर, जबकि 63.26 लाख रुपये आधुनिक उपकरण लगाने पर खर्च हुए। यह उत्तराखंड की पहली राजकीय ब्रॉयलर हैचरी है, जहां करीब 1200 Vencobb-430 पैरेंट ब्रीडर पक्षियों का वैज्ञानिक तरीके से पालन किया जा रहा है।

आधुनिक तकनीक से तैयार हो रहे स्वस्थ चूजे

हैचरी में आधुनिक Setter और Hatcher मशीनों के जरिए अंडों का वैज्ञानिक ऊष्मायन किया जाता है। इससे तैयार होने वाले डे-ओल्ड ब्रॉयलर चूजों की गुणवत्ता बेहतर रहती है। अच्छी नस्ल के चूजों से किसानों को बेहतर उत्पादन मिलने की उम्मीद बढ़ती है।

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राज्य के कई जिलों को मिल रहा लाभ

राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र छाम से तैयार चूजों की आपूर्ति टिहरी, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी समेत दूसरे जिलों में की जा रही है। पहले किसानों को दूसरे राज्यों से चूजे मंगाने पड़ते थे, लेकिन अब राज्य के भीतर ही उपलब्धता होने से परिवहन खर्च कम हुआ है। इससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए Poultry Farming शुरू करना पहले के मुकाबले आसान हो गया है।

Bio Security पर खास फोकस

प्रभारी अधिकारी साक्षी बिजल्वाण ने बताया कि हैचरी में Bio Security के सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाता है। नियमित टीकाकरण, संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल, तापमान और आर्द्रता का वैज्ञानिक नियंत्रण रखा जाता है। आधुनिक हैचरी प्रबंधन की वजह से स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण चूजों का उत्पादन लगातार सुनिश्चित किया जा रहा है।

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ग्रामीण रोजगार को मिल रही मजबूती

छाम की राजकीय ब्रॉयलर हैचरी अब सिर्फ चूजे तैयार करने का केंद्र नहीं रही, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का अहम जरिया बन चुकी है। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में कम जमीन वाले किसान भी Poultry Farming को अतिरिक्त आय के साधन के रूप में अपना रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और Self Employment के नए अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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