
लखनऊ, 13 अगस्त 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ प्रदेश की सियासत में जुबानी जंग और तल्ख होती जा रही है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। राजभर ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सपा कार्यकर्ताओं पर सुभासपा कार्यालय में कथित तौर पर गाली-गलौज, हाथापाई और पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया।
मंत्री राजभर ने सीधे अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि राजनीतिक मतभेदों में हिंसा और गाली-गलौज की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सुभासपा कार्यालय के प्रभारी धर्म प्रकाश के साथ सपा कार्यकर्ताओं ने अभद्रता और हाथापाई की तथा पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी दी। राजभर ने इसे सिर्फ गलत नहीं बल्कि अपराध की श्रेणी में आने वाला कृत्य बताया।
अपने पोस्ट में राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि क्या यह सब उनके कहने पर हो रहा है या फिर उनके ‘दोनों चाचाओं’ ने कार्यकर्ताओं को इशारा किया है। उन्होंने कहा कि अगर लड़ाई लड़नी है तो जनता के बीच आइए और मुद्दों पर राजनीति कीजिए। राजभर ने तीखे अंदाज में कहा, ‘गुंडई से सपा चल सकती है, लोकतंत्र नहीं चलता।’
राजभर यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपने राजनीतिक तेवर दिखाते हुए कहा कि वह न तो डरते हैं और न उनके कार्यकर्ता डरते हैं। उन्होंने खुद को महाराजा सुहेलदेव का वंशज बताते हुए कहा कि कथित रूप से हमला करने वाले लोगों का हिसाब कानून करेगा।

एक दिन पहले भी अखिलेश पर साधा था निशाना
दरअसल, राजभर ने एक दिन पहले भी X पर पोस्ट कर अखिलेश यादव पर तंज कसा था। उन्होंने अखिलेश को ‘मित्र’ बताते हुए पूछा था कि वह झारखंड जा रहे हैं या नहीं। राजभर ने उनकी ‘कथित क्रांति’ पर सवाल उठाते हुए लिखा था कि क्या यह क्रांति सिर्फ दिल्ली तक सीमित थी। उन्होंने अखिलेश से देश के सवाल का जवाब सिर्फ ‘हां या ना’ में देने को कहा था।
लगातार दो दिनों में राजभर के इन हमलावर बयानों ने यूपी की चुनावी राजनीति में सपा और सुभासपा के बीच बढ़ती तल्खी को सामने ला दिया है। अब नजर इस बात पर है कि अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से राजभर के आरोपों और तीखे सवालों का क्या जवाब आता है।






